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Nasa asteroid News: एस्टेरॉयड से टकराएगा नासा का स्पेसक्राफ्ट, अगले साल होगी टक्कर, जानिए कैसे पूरा होगा मिशन

Nasa asteroid News: एस्टेरॉयड से टकराएगा नासा का स्पेसक्राफ्ट, अगले साल होगी टक्कर, जानिए कैसे पूरा होगा मिशन

NASA ने बुधवार को डार्ट मिशन को रवाना किया (तस्वीर- NASA)

NASA ने बुधवार को डार्ट मिशन को रवाना किया (तस्वीर- NASA)

Nasa Double Asteroid Redirection Test: लॉन्चिंग के बाद स्पेसक्राफ्ट सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाएगा और इसके बाद ये फुटबॉल के मैदान के बराबर के एस्टेरॉयड डिमोरफोस के रास्ते का रोड़ा बन जाएगा. डिमोरफोस अपने से बड़े एक एस्टेरॉयड डीडिमोस के चक्कर काटता है और एक चक्कर 11 घंटे और 55 मिनट में पूरा करता है. खगोल वैज्ञानिक इन दोनों एस्टेरॉयड को बाइनरी सिस्टम कहते हैं. जहां एक एस्टेरॉयड दूसरे के लिए छोटे चांद की तरह है. दोनों एस्टेरॉयड एक साथ दो साल में सूर्य का एक चक्कर लगाते हैं.

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    नई दिल्ली. नासा (NASA) ने एक स्पेसक्राफ्ट लॉन्च कर दिया है और इस मिशन का एकमात्र मकसद है. 15 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इस स्पेसक्राफ्ट को एक एस्टेरॉयड से टकराना… इस मिशन का नाम डबल एस्टेरॉयड रि-डायरेक्शन टेस्ट (Nasa Double Asteroid Redirection Test) यानी कि डार्ट है. ये स्पेसक्राफ्ट भारतीय समयानुसार बुधवार को दोपहर में रवाना हुआ, जिसका मकसद ये जानना है कि क्या किसी एस्टेरॉयड से स्पेसक्राफ्ट को टकराकर उसकी दिशा बदली जा सकती है क्या? अगर टेस्ट सफल रहता है तो नासा और अन्य स्पेस एजेंसियों के लिए यह बड़ी कामयाबी होगी, जिसका इस्तेमाल भविष्य में पृथ्वी की ओर आ रहे किसी एस्टेरॉयड की दिशा बदलने के लिए किया जा सकता है और धरती को विनाश से बचाया जा सकता है.

    DART स्पेसक्राफ्ट को स्पेस-X फॉल्कन 9 रॉकेट के जरिए भेजा जाएगा, जोकि बुधवार को 1.20AM ईस्टर्न टाइम के हिसाब से कैलिफोर्निया के वांडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से उड़ान भरेगा. नासा की योजना इस मौके पर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए कार्यक्रम के लाइव प्रसारण (Nasa Science Live) की है. अगर लॉन्च साइट पर मौसम खराब रहता है तो स्पेसक्राफ्ट का प्रक्षेपण 24 घंटे बाद किया जाएगा.

    नासा एस्टेरॉयड से स्पेसक्राफ्ट क्यों टकरा रहा?
    नासा का उद्देश्य डार्ट स्पेसक्राफ्ट को एस्टेरॉयड से टकराने का है, जिसके जरिए पहली बार यह मेथड अपनाया जा रहा है, जिसमें भविष्य में धरती पर होने किसी विनाश को बचाने की कोशिश है. ताकि अगर कभी कोई एस्टेरॉयज पृथ्वी की ओर आता है, तो किसी शहर या पूरी पृथ्वी को बचाया जा सके.

    नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘DART एक तरीके से ब्रूस विलिस की फिल्म Armageddon का रिप्ले है. हालांकि यह पूरी तरह काल्पनिक है.’

    यहां देखिए मिशन की लॉन्चिंग लाइव

    कैसे काम करेगा मिशन
    लॉन्चिंग के बाद स्पेसक्राफ्ट सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाएगा और इसके बाद ये फुटबॉल के मैदान के बराबर के एस्टेरॉयड डिमोरफोस के रास्ते का रोड़ा बन जाएगा. डिमोरफोस अपने से बड़े एक एस्टेरॉयड डीडिमोस के चक्कर काटता है और एक चक्कर 11 घंटे और 55 मिनट में पूरा करता है. खगोल वैज्ञानिक इन दोनों एस्टेरॉयड को बाइनरी सिस्टम करते हैं. जहां एक एस्टेरॉयड दूसरे के लिए छोटे चांद की तरह है. दोनों एस्टेरॉयड एक साथ दो साल में सूर्य का एक चक्कर लगाते हैं.

    हालांकि डिमोरफोस से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है. और ये मिशन सिर्फ प्रैक्टिस के लिए है. डार्ट का एस्टेरॉयड से टक्कर अगले साल सितंबर के आखिर में या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकती है, जब ये दोनों एस्टेरॉयड पृथ्वी के बेहद नजदीक यानि लगभग 68 लाख मील की दूरी पर होंगे.

    ऐसे होगी टक्कर; डिमोरफोस से सीधे भिड़ेगा स्पेसक्राफ्ट
    एस्टेरॉयड से टकराने से पहले डार्ट स्पेसक्राफ्ट स्वयं को ऑटोमेटिक तरीके से 15 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डिमोरफोस से भिड़ेगा. लेकिन, स्पेसक्राफ्ट पर कैमरा इस दृश्य को पूरी तरह कैद करेगा और टक्कर से 20 सेकेंड पहले की तस्वीरें धरती पर भेज देगा. वहीं इटालियन स्पेस एजेंसी को एक छोटा सैटेलाइट टक्कर से 10 दिन पहले तैनात किया जाएगा और ये एस्टेरॉयड के 34 मील नजदीक पहुंच जाएगा, जहां से यह हर 6 सेकेंड पर टक्कर से पहले और बाद की तस्वीरें भेजेगा.

    नासा को कैसे पता चलेगा कि मिशन सफल रहा?
    धरती पर तैनात टेलीस्कोप क्रैश साइट पर अपनी नजर रखेंगे और सूर्य की आ रही रोशनी में छोटे-छोटे बिंदुओं की तरह नजर आने वाले एस्टेरॉयड को दिखाएंगे. क्या स्पेसक्राफ्ट की टक्कर एस्टेरॉयड डिमोरफोस के आर्बिट पर कोई असर हुआ है? इसके लिए खगोल वैज्ञानिक सूर्य की रोशनी के फ्लिकर के टाइम का अध्ययन करेंगे. इस अध्ययन में एक बात ये पता चलेगी कि डिमोरफोस, डीडिमोस के सामने से पास हो गया है और दूसरा ये कि डिमोरफोस, डीडिमोस के चारों ओर चक्कर लगाता है.

    अगर डिमोरफोस के डीडिमोस के चक्कर लगाने के टाइम में 73 सेकेंड की भी बढ़ोत्तरी आती है, तो माना जाएगा कि डार्ट मिशन सफल रहा और उसने अपने काम को अंजाम दिया. हालांकि मिशन के मैनेजरों का कहना है कि टक्कर की वजह से एस्टेरॉयड के आर्बिट में 10 से 20 सेकेंड की बढ़ोत्तरी हो सकती है.

    Tags: Asteroid, Nasa, Science news

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