9/11 अटैक: हमले के दिन अंतरिक्ष से ऐसा दिखा था वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, NASA ने शेयर की फोटो

नासा ने ट्विटर पर 11 सितंबर, 2001 को लगी गई हमले के बाद की एक तस्वीर शेयर की. 'लैंडसैट 7' सैटेलाइट की मदद से 12 सितंबर 2001 को ली गई इस तस्वीर में इमारत से धुआं उठता दिख रहा है.

News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 6:57 PM IST
9/11 अटैक: हमले के दिन अंतरिक्ष से ऐसा दिखा था वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, NASA ने शेयर की फोटो
नासा ने ट्विटर पर 11 सितंबर, 2001 को लगी गई हमले के बाद की एक तस्वीर शेयर की
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Updated: September 12, 2018, 6:57 PM IST
अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हुए आतंकी हमले को 17 साल हो चुके हैं. मंगलवार को 9/11 आतंकी हमले की बरसी पर लोगों ने इस हमले की त्रासदी को याद किया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी श्रद्धांजलि दी. वहीं, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले की फोटो शेयर कर मृतकों उस भयावह दिन को याद किया.

नासा ने ट्विटर पर 11 सितंबर, 2001 को लगी गई हमले के बाद की एक तस्वीर शेयर की. 'लैंडसैट 7' सैटेलाइट की मदद से 12 सितंबर 2001 को ली गई इस तस्वीर में इमारत से धुआं उठता दिख रहा है. दरअसल, इस पर हमले के कारण लगी आग को बुझाने में दमकलकर्मियों को 100 दिन का समय लगा था.

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फॉर्च्यून में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले की खबर सुनकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के कमांडर ने लिखा था, 'इस शानदार बिंदु से अपने घर पर हुए घावों से धुआं उड़ता देखना बहुत दुखद है. धरती पर जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित स्पेसक्राफ्ट से धरती पर इस तरह के भयानक कृत्यों से जीवन को नष्ट होते देखना दुखद और झटका देने वाला है. अंतरिक्ष में आंसू सामान्य तरीके से नहीं बहते. '


11 सितंबर, 2001 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में मशहूर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन बिल्डिंगों पर आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के आतंकी संगठन अल-कायदा ने तीन हवाई जहाजों को हाईजैक करके गिरा दिया था. आतंकियों ने एक चौथा प्लेन भी हाईजैक किया था, जिसे जब यात्रियों और क्रू ने अपने कब्जे में लेने की कोशिश की तो आतंकियों ने पेन्सिल्वेनिया के एक खेत में गिरा दिया था.

9/11 हमले के 17 साल बाद भी 1100 पीड़ितों की नहीं हो पाई पहचान

इस हमले में 3,000 के आस-पास लोगों की मौत हुई थी और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए थे. मृत, लापता और मृत मान लिए गए लोगों की आधिकारिक संख्या 2,753 है. लेकिन दुखद बात ये है कि इनमें से महज 1,642 लोगों की आधिकारिक रूप से पहचान की जा सकी है.

यहां तक कि इस हमले के बाद भी जहरीली गैसों और धुएं ने हजारों लोगों को बीमार बनाया. ऐसा अनुमान है कि अमेरिका में हर ढाई दिन पर एक ऐसे व्यक्ति की मौत होती है, जिसे इस हमले से जुड़ी बीमारी है.

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