भारत, ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है इसका कोई सबूत नहीं: US अधिकारी

भाषा
Updated: August 21, 2019, 4:49 PM IST
भारत, ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है इसका कोई सबूत नहीं: US अधिकारी
ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल में तय किया कि वह उन छूटों में नये सिरे से बदलाव नहीं करेगा जिनसे भारत जैसे देश अमेरिकी प्रतिबंधों के बिना ईरानी तेल खरीद पा रहे थे.

ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल में तय किया कि वह उन छूटों में नये सिरे से बदलाव नहीं करेगा जिनसे भारत जैसे देश अमेरिकी प्रतिबंधों के बिना ईरानी तेल खरीद पा रहे थे.

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अमेरिका (America) के एक शीर्ष राजनयिक ने मंगलवार को कहा कि वॉशिंगटन (Washington) के पास इस बात के कोई सुबूत नहीं हैं कि भारत चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) के जरिए ईरान (Iran) पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है.

भारत ने कहा था कि आठ खरीदारों को अमेरिका की ओर से दी गई राहत की अवधि मई में खत्म होने के बाद उसने ईरान से तेल आयात करना बंद कर दिया था. भारत ने उस वक्त उम्मीद जताई थी कि अमेरिकी प्रतिबंध ईरान में चाबहार बंदरगाह विकसित करने में उसकी साझेदारी को प्रभावित नहीं करेंगे.

ईरान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रायन हुक ने फॉरन प्रेस सेंटर में संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है."

चाबहार के जरिए प्रतबंधों का उल्लंघन

हुक संवाददाता के उस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे जिसमें आरोप लगाया गया था कि भारत चाबहार बंदरगाह के जरिए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है जो वह अफगानिस्तान के विकास के लिए ईरान में बना रहा है. हुक ने इसके जवाब में कहा, "मैं उन सबूतों से वाकिफ नहीं हूं आप जिनका हवाला दे रहे हैं."

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और वैश्विक ताकतों के बीच 2015 में हुए परमाणु सौदे से पिछले साल खुद को अलग कर दिया था और इस खाड़ी देश पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे.

उसने आठ देशों- चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, तुर्की, इटली और यूनान को इन प्रतिबंधों से छह महीने की राहत इस शर्त के साथ दी थी कि वे ईरानी तेल की अपनी खरीद को घटा दें.
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अप्रैल में नियमों में किया था बदलाव

ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल में तय किया कि वह उन छूटों में नये सिरे से बदलाव नहीं करेगा जिनसे भारत जैसे देश अमेरिकी प्रतिबंधों के बिना ईरानी तेल खरीद पा रहे थे.

चीन के बाद ईरानी तेल के दूसरे सबसे बड़े खरीददार भारत ने अपनी मासिक खरीद को 12.5 लाख टन या सालाना खरीद को 1.5 करोड़ टन तक सीमित करने पर सहमति जताई थी. वित्त वर्ष 2017-18 में भारत की खरीद 2.26 करोड़ टन थी.

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First published: August 21, 2019, 4:49 PM IST
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