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ओमिक्रॉन ने 89 देशों में पसारे पांव, डेढ़ से तीन दिन में मामले हो जाते हैं दोगुने: WHO

ओमिक्रॉन ने 89 देशों में पसारे पांव, डेढ़ से तीन दिन में मामले हो जाते हैं दोगुने: WHO

पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Omicron Variant News: वैज्ञानिकों का कहना है कि 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों में भी इसकी पहचान की गई है. डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे 'चिंताजनक' स्वरूप बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया.

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    जेनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि 89 देशों में ओमिक्रॉन स्वरूप की पहचान की जा चुकी है और यह उन स्थानों पर डेल्टा स्वरूप की तुलना में तेजी से फैलता है, जहां संक्रमण का सामुदायिक स्तर पर प्रसार अधिक है. इसके मामले डेढ़ से तीन दिन में दोगुने हो जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को अपनी ‘एनहैंसिंग रेडिनेस फॉर ओमीक्रोन (बी.1.1.529): टेक्निकल ब्रीफ एंड प्रायोरिटी एक्शन्स फॉर मेंबर स्टेट्स’ रिपोर्ट में कहा कि मौजूदा उपलब्ध आंकड़ों को देखते हुए आशंका है कि ओमिक्रॉन उन स्थानों पर डेल्टा से आगे निकल जाएगा, जहां सामुदायिक स्तर पर संक्रमण का प्रसार अधिक है.

    रिपोर्ट में कहा गया है, ”16 दिसंबर 2021 तक, डब्ल्यूएचओ के सभी छह क्षेत्रों में 89 देशों में ओमिक्रॉन स्वरूप की पहचान की गई है. जैसे-जैसे अधिक डेटा उपलब्ध होगा, ओमिक्रॉन स्वरूप के बारे में वर्तमान समझ विकसित होती रहेगी.” विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में तेजी से फैलता है. यह सामुदायिक प्रसार वाले देशों में डेल्टा स्वरूप की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है. डेढ़ से तीन दिन में इसके मामले दोगुने हो जाते हैं.

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    इस बीच, डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देश ठोस स्वास्थ्य एवं सामाजिक उपायों से ओमिक्रॉन को फैलने से रोक सकते हैं. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हमारा ध्यान सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहना चाहिए.’’

    तीन अहम सवालों पर आधारित है ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा
    ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा तीन अहम सवालों पर आधारित है – उसका प्रसार, टीके इसके खिलाफ कितनी अच्छी सुरक्षा प्रदान करते हैं और अन्य स्वरूपों की तुलना में ओमीक्रोन स्वरूप कितना संक्रामक है. सिंह ने कहा, “अभी तक हम यह जानते हैं कि डेल्टा स्वरूप के मुकाबले ओमिक्रॉन अधिक तेजी से फैलता दिखाई देता है. डेल्टा स्वरूप के कारण पिछले कई महीनों में दुनियाभर में संक्रमण के मामले बढ़े हैं.”

    ‘ओमिक्रॉन को हल्का मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए’
    उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से आ रहे आंकड़ों से ओमिक्रॉन स्वरूप से फिर से संक्रमित होने का खतरा बढ़ता दिख रहा है. हालांकि, ओमिक्रॉन से गंभीर रूप से बीमार पड़ने को लेकर उपलब्ध आंकड़े सीमित हैं. डब्ल्यूएचओ अधिकारी ने कहा, “हमें आगामी हफ्तों में और सूचना मिलने की संभावना है. ओमिक्रॉन को हल्का मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि अगर इससे ज्यादा गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ते, तब भी बड़ी संख्या में मामले एक बार फिर स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ डाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अत: आईसीयू बिस्तर, ऑक्सीजन की उपलब्धता, पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल कर्मी समेत स्वास्थ्य देखभाल क्षमता की समीक्षा करने तथा इसे सभी स्तरों पर मजबूत करने की आवश्यकता है.

    पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई नए वेरिएंट की पहचान
    वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन (Mutations) का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों में भी इसकी पहचान की गई है.

    WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’
    ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है. डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे ‘चिंताजनक’ स्वरूप (Variant of Concern) बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया. ‘चिंताजनक स्वरूप’ डब्ल्यूएचओ की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था.

    Tags: Coronavirus, Omicron variant, WHO

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