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कोरोना से जंग में ट्रंप को मिला पुतिन का साथ, वेंटिलेटर और मेडिकल मदद लेकर न्यूयॉर्क पहुंचा रूसी विमान

News18Hindi
Updated: April 3, 2020, 4:50 PM IST
कोरोना से जंग में ट्रंप को मिला पुतिन का साथ, वेंटिलेटर और मेडिकल मदद लेकर न्यूयॉर्क पहुंचा रूसी विमान
अमेरिकियों के इलाज के लिए रूस की मेडिकल मदद का विमान न्यूयॉर्क पहुंचा है (File)

अमेरिका की मदद के लिए रूस का मालवाहक विमान वेंटिलेटर, मास्क, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, एंटीसेप्टिक और दूसरे मेडिकल इक्विपमेंट लेकर न्यूयॉर्क पहुंचा है

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सुपरपावर अमेरिका (America) की कोरोनावायरस (Corona Virus) ने कमर तोड़ दी है. दो लाख से ज्यादा संक्रमित मामलों वाला अमेरिका पहला देश बन गया है. अमेरिका में अब तक 226378 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जबकि 5334 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं अमेरिका में कोरानावायरस का एपिसेंटर बने न्यूयॉर्क (New York) में अब तक 2200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. न्यूयार्क के गवर्नर ने मौतों का आंकड़ा बढ़ने का अंदेशा जताया है. क्योंकि 3 दिनों में अमेरिका में मौत का सिललिसा दोगुना हो गया है.

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्र्यू कुओमो ने अंदेशा जताया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए कोरोनावायरस के संक्रमण से 16 हज़ार जानें जा सकती हैं. वहीं एक अनुमान के मुताबिक पूरे अमेरिका में महामारी के खत्म होने तक 93 हज़ार अमेरिकियों की मौत हो सकती है.

चीन के वुहान से निकाल वायरस पहले इटली,फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन में विकराल होता चला गया. लेकिन अमेरिका में इसका कोहराम सभी देशों से ज्यादा देखने को मिला. हालात ये हैं कि अमेरिका के अस्पतालों में वेंटिलेटर्स की भारी कमी हो गई है. अमेरिका की मदद के लिए रूस का मालवाहक विमान वेंटिलेटर, मास्क, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, एंटीसेप्टिक और दूसरे मेडिकल इक्विपमेंट लेकर न्यूयॉर्क पहुंचा है.



दरअसल, वेंटिलेटर्स की कमी की वजह से अमेरिका ने दो दिन पहले रूस से वेंटिलेटर मंगाने का फैसला किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच 30 मार्च को फोन पर बातचीत हुई थी जिसमें दोनों देशों ने कोरोना की महामारी से एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई थी. जिसके बाद रूस की तरफ से मदद की पहली खेप अमेरिका पहुंच चुकी है. न्यूयॉर्क के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने रूसी पायलटों का धन्यवाद किया.



इस वक्त अमेरिका में लगातार बढ़ते मौत के आंकड़ों की वजह से खुद अमेरिकी प्रशासन ने कोरोना महामारी से तकरीबन 2 लाख लोगों के मरने की आशंका जताई है. दरअसल अमेरिका में कोरोनावायरस के संक्रमण का ट्रेंड बदलता दिखा है. शुरुआत में कोरोनावायरस को लेकर ये बात प्रचारित की गई थी कि वायरस का संक्रमण खासतौर से बुजुर्ग और उन मरीजों के लिए खतरनाक होता है जिनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री होती है. लेकिन न्यूयॉर्क में अचानक ही युवाओं में संक्रमण के मामले सामने आने से हड़कंप मच गया.

ह्यूस्टन में तीन भारतीय अमेरिकी भी कोरोनावायरस की चपेट में आ गए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनमें एक आईटी प्रोफेशनल और दूसरे डॉक्टर दंपती बताए जा रहे हैं. इनके इलाज के लिए अस्पताल ने संक्रमण से हाल ही में ठीक हुए लोगों से ब्लड डोनेट करने की अपील की है.

हालांकि अभी तक कोरोनावायरस के संक्रमण का कोई इलाज नहीं मिल सका है. वैक्सीन बनाने के दावे या फिर उनके परीक्षण के दावे सामने आ रहे हैं लेकिन कोई एक ठोस कारगर दवा सामने नहीं आ सकी है जो कि कोरोनावायरस की शर्तिया दवा मानी जा सके. ऐसे में चीन में जिस तरह से संक्रमण से ठीक हुए मरीजों का ब्लड प्लाज़्मा लेकर इलाज किया गया उसी तरह अमेरिका भी कोशिश कर रहा है.

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First published: April 2, 2020, 10:15 PM IST
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