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सैटेनिक वर्सेज के समय सोशल मीडिया होता, तो मेरे जीवन पर खतरा ज्यादा होता: रुश्दी

सैटेनिक वर्सेज के समय सोशल मीडिया होता, तो मेरे जीवन पर खतरा ज्यादा होता: रुश्दी

सलमान रुश्दी का मानना था कि उनका जीवन ‘फिर से बहुत बहुत हद तक सामान्य’ हो गया ( News18)

सलमान रुश्दी का मानना था कि उनका जीवन ‘फिर से बहुत बहुत हद तक सामान्य’ हो गया ( News18)

शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक मंच पर चाकू से हुए हमले के दो हफ्ते पहले एक साक्षात्कार में सलमान रुश्दी ने कहा था कि जब उन्होंने द सैटेनिक वर्सेज लिखा था अगर उस समय सोशल मीडिया होता, तो उनका जीवन बहुत अधिक खतरे में होता.

हाइलाइट्स

सलमान रुश्दी का मानना था कि उनका जीवन ‘फिर से बहुत बहुत हद तक सामान्य’ हो गया
जब द सैटेनिक वर्सेज लिखा, उस समय सोशल मीडिया होता, तो खतरा ज्यादा
रुश्दी ने कहा- सौभाग्य से तब इंटरनेट नहीं था

न्यूयॉर्क. सलमान रुश्दी का मानना ​​​​था कि उनका जीवन ‘फिर से बहुत बहुत हद तक सामान्य’ हो गया था और हमले की आशंका अतीत की बात थी. शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक मंच पर चाकू से हुए हमले के दो हफ्ते पहले एक साक्षात्कार में रुश्दी ने कहा था कि जब उन्होंने द सैटेनिक वर्सेज लिखा था अगर उस समय सोशल मीडिया होता, तो उनका जीवन बहुत अधिक खतरे में होता. रुश्दी ने कहा कि तब मेरे जीवन पर इतना ज्यादा खतरा होता, जिसकी कोई सीमा नहीं होती.

द गार्जियन की एक खबर के मुताबिक उपन्यासकार रुश्दी इस समय अस्पताल में हैं. उनकी गर्दन और पेट पर कई बार चाकू से हमला किया गया. उनके एजेंट, एंड्रयू वायली ने कहा कि उनका लीवर खराब हो गया है और उनकी एक आंख खोने की आशंका है. उनके कथित हमलावर 24 वर्षीय हादी मतार पर हत्या के प्रयास और हमले का आरोप लगाया गया है. 75 वर्षीय रुश्दी न्यूयॉर्क राज्य के चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में बोल रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया.

एक पखवाड़े पहले रुश्दी ने एक जर्मन पत्रिका से अपनी सुरक्षा के बारे में बात की थी. लेखक ने कहा कि उनका जीवन बहुत अधिक खतरे में होता अगर सोशल मीडिया उस समय होता, जब उन्होंने द सैटेनिक वर्सेज लिखा था. तब उनके जीवन पर ‘अधिक खतरा होता जिसकी कोई सीमा नहीं होती.’ रुश्दी ने कहा कि फतवा एक गंभीर बात है. सौभाग्य से तब हमारे पास इंटरनेट नहीं था. ईरानियों ने फैक्स से मस्जिदों में फतवा भेजा था. मेरे खिलाफ उन्होंने जिस फैक्स मशीन का इस्तेमाल किया, वह इंटरनेट की तुलना में फेरारी के बजाय साइकिल की तरह है.

सलमान रुश्दी के हमलावर हदी मतार पर लगा हत्या की कोशिश करने का चार्ज

रुश्दी ने कहा कि यह सब बहुत समय पहले की बात है. आजकल मेरा जीवन फिर से बहुत सामान्य हो गया है. यह पूछे जाने पर कि अब उन्हें किस बात से डर लगता है, रुश्दी ने कहा कि अतीत में मैंने धार्मिक कट्टरता कहा होगा. मैं अब ऐसा नहीं कहता. अभी हमारे सामने सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर है. रुश्दी ने अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के गर्भपात के अधिकार को खत्म करने के फैसले पर भी गंभीर चिंता जताई थी. रुश्दी ने कहा कि आज बहुत से लोग उसी तरह के खतरों के साथ जी रहे हैं, जो मेरे पास तब था.

Tags: Salman Rushdie

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