रूस से रक्षा प्रणाली, ईरान से तेल आयात का भारत का फैसला फायदेमंद नहीं: अमेरिका

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2015 में बहुपक्षीय समझौते से हाथ खींचने के बाद से अमेरिका ईरान से सारा तेल आयात बंद करने की कोशिश कर रहा है. उसने अपने सभी सहयोगी देशों को 4 नंवबर तक ईरान से तेल आयात घटाकर शून्य करने को कहा है.

भाषा
Updated: October 12, 2018, 11:24 PM IST
रूस से रक्षा प्रणाली, ईरान से तेल आयात का भारत का फैसला फायदेमंद नहीं: अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो
भाषा
Updated: October 12, 2018, 11:24 PM IST
भारत के ईरान से चार नवंबर के बाद तेल आयात जारी रखने और रूस से हवाई रक्षा प्रणाली एस-400 खरीदने के फैसले पर अमेरिका बहुत ही पारखी तरीके से समीक्षा कर रहा है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने यह बात कही. उसने कहा कि यह भारत के लिए फायदेमंद नहीं होगा.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2015 में बहुपक्षीय समझौते से हाथ खींचने के बाद से अमेरिका ईरान से सारा तेल आयात बंद करने की कोशिश कर रहा है. उसने अपने सभी सहयोगी देशों को 4 नंवबर तक ईरान से तेल आयात घटाकर शून्य करने को कहा है. भारत के ईरान से चार नवंबर के बाद भी तेल आयात जारी रखने पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नोर्ट ने कहा कि यह भारत के लिए फायदमेंद नहीं होगा.

नोर्ट ने गुरुवार को कहा, 'ईरान से तेल आयात करना जारी रखने वालों पर चार नंवबर से प्रतिबंध प्रभावी होंगे. हम प्रतिबंधों को लेकर दुनियाभर के ईरान के कई भागीदारों और सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं.'

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नोर्ट ने कहा कि उन देशों के लिए हमारी नीति बहुत स्पष्ट है. इस मुद्दे पर हम ईरान सरकार के साथ भी बातचीत कर रहे हैं और संयुक्त व्यापक कार्य योजना के तहत हटाए गए सभी प्रतिबंधों को फिर से लगा रहे हैं.

ट्रंप प्रशासन ने सभी देशों को साफतौर यह संदेश दे दिया है और राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका सभी प्रतिबंधों को फिर से लगाने के लिए प्रतिबद्ध है.

प्रवक्ता ने कहा, 'प्रतिबंध लागू होने के बाद भी भारत के ईरान से तेल खरीदने पर अमेरिका के राष्ट्रपति ने चेताया था. मैं इससे पहले कुछ नहीं कह रही हूं लेकिन उन्होंने कहा था कि हम इसका ध्यान रखेंगे.'

बता दें कि रूस से एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली खरीदने पर काट्सा के तहत दंडात्मक कार्रवाई पर ट्रंप ने कहा था कि भारत को जल्द इस संबंध में पता चल जाएगा.

नोर्ट ने कहा, 'राष्ट्रपति ने कहा कि हम इसे देखेंगे. इसलिए मैं उनसे पहले कुछ नहीं कह रही हूं लेकिन जैसा मैं तेल और एस-400 प्रणाली खरीदने के बारे में सुन रही हूं. यह भारत के लिये फायदेमंद नहीं होगा.'

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