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पर्यावरण पर दुनिया के नेताओं को फटकारने वाली ग्रेटा थनबर्ग बनीं टाइम पर्सन ऑफ द ईयर

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 8:35 PM IST
पर्यावरण पर दुनिया के नेताओं को फटकारने वाली ग्रेटा थनबर्ग बनीं टाइम पर्सन ऑफ द ईयर
स्‍वीडन की ये 16 साल की युवा लड़की सितंबर में दिए अपने भाषण के कारण चर्चा में आई थी. फोटो. एपी

सितंबर में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (United nations) में ग्रेटा (Greta Thunberg) ने दुनिया भर के राष्‍ट्राध्‍यक्षों को फटकारते हुए कहा था, अपनी खोखली बातों से आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया. लोग त्रस्त हैं, लोग मर रहे हैं. बुधवार को उन्‍हें अमेरिका की प्रतिष्‍ठित मैगजीन टाइम (Time) ने पर्सन ऑफ द ईयर चुना है.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 8:35 PM IST
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न्‍यूयॉर्क. सितंबर में संयुक्‍त राष्‍ट्र (United nations) में पर्यावरण के मुद्दे पर दुनिया भर के नेताओं को फटकारने वाली ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) को टाइम पर्सन ऑफ द ईयर (TIME Magazine's Person of the Year) चुना गया है. स्‍वीडन की ये 16 साल की युवा लड़की सितंबर में उस समय सुर्खियों में आई थी, जब उसने आंखों में आंसू भरकर दुनिया भर के राष्‍ट्राध्‍यक्षों से सवाल पूछा था कि आपकी हिम्‍मत कैसे हुई हम बच्‍चों का बचपन छीनने की. उसके बाद से ही वह अपनी मुहिम के कारण सुर्खियों में बनी हुई हैं. बुधवार को उन्‍हें अमेरिका की प्रतिष्‍ठित मैगजीन टाइम (Time) ने पर्सन ऑफ द ईयर चुना है.

ग्रेटा (Greta Thunberg) तब भी खबरों में आई थीं, जब उन्होंने एक पर्यावरण पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि जलवायु अभियान में आवश्यकता इस बात की है कि सत्ता में बैठे लोग पुरस्कार देने के बजाए विज्ञान का अनुसरण शुरू करें. जब इस सम्‍मान की घोषणा की गई उस समय ग्रेटा थनबर्ग मैड्रिड में थी.

मैगजीन ने ग्रेटा के लिए लिखा, 'साल भर के अंदर ही स्टॉकहोम की 16 साल की लड़की ने अपने देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया और फिर विश्वभर में युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया. यूरोप में 'फ्राइडेज फॉर फ्युचर' प्रदर्शन की अगुवाई की थी तो वहीं संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं के सामने उनका 'आपकी इतनी हिम्मत' भाषण काफी चर्चा में रहा.'

एक  भाषण से छा गई दुनिया पर 

बता दें कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में ग्रेटा ने दुनिया भर के राष्‍ट्राध्‍यक्षों को फटकारते हुए कहा था, अपनी खोखली बातों से आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया. लोग त्रस्त हैं, लोग मर रहे हैं, पूरी पारिस्थितिकी ध्वस्त हो रही है. हम सामूहिक विलुप्ति की कगार पर हैं और आप पैसों के बारे में तथा आर्थिक विकास की काल्पनिक कथाओं के बारे में बातें बना रहे हैं. बुधवार को मैड्रिड में एक शिखर सम्मेलन में अमीर देशों पर ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम करने से बचने के तरीके इजाद करने का आरोप लगाया और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनकी कार्रवाई को भ्रम पैदा करने वाला बताया.

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First published: December 11, 2019, 8:19 PM IST
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