चीन के हजारों छात्रों को बाहर निकालेगा अमेरिका, वीजा रद्द करने की तैयारी

चीन के हजारों छात्रों को बाहर निकालेगा अमेरिका, वीजा रद्द करने की तैयारी
अमेरिका हजारों चीनी छात्रों के वीजा रद्द करने की तैयारी कर रहा है.

अमेरिका (America) अपने यहां पढ़ रहे चीनी छात्रों (Chinese Students) को निकालने की तैयारी कर रहा है.

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वाशिंगटन: ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) हजारों चीनी छात्रों (Chinese Students) के वीजा (visa) रद्द करने की योजना बना रहा है. इन छात्रों में अमेरिका (America) में पढ़ने वाले ग्रैजुएट स्टूडेंट्स और रिसर्चर शामिल हैं. अमेरिका के पीपल्स लिब्रेशन आर्मी के मान्यता प्राप्त कुछ यूनिवर्सिटी के साथ करार हैं. अब इन छात्रों को अमेरिका से निकालने की तैयारी चल रही है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पहले चीन के कुछ कैटेगरी के छात्रों को प्रतिबंधित किया जाएगा. अमेरिका में सबसे ज्यादा चीन के छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं. इसके बाद शिक्षा पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

चीन की सरकार भी उठा सकती है ऐसा ही कदम
इसके जवाब में चीन की सरकार भी ऐसा ही कदम उठा सकती है. चीन भी अपने यहां पढ़ने वाले अमेरिकी छात्रों के वीजा रद्द कर सकती है. चीन में अमेरिका के छात्रों को बैन किया जा सकता है.



अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही ट्रेज वार छिड़ा है. दोनों देशों के बीच के टेक्नोलॉजी के आदान प्रदान और दोनों देशों के मीडिया के रिश्ते काफी खराब हो चले हैं. पिछले कुछ दशकों में ये अपने सबसे खराब दौर में है.



अमेरिकी अधिकारी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि चीन को किस तरह से सजा दिया जाए. हांगकांग में लागू किए नए कानून की वजह से अमेरिका चीन से बुरी तरह से नाराज है. हालांकि कानून के संकट के बीच चीन के छात्रों के वीजा रद्द करने का प्लान अभी शुरुआती दौर में है.

अमेरिका के विदेशमंत्री ने इस मसले पर की ट्रंप से बात
इस बीच जानकारी मिली है कि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने पिछले मंगलवार को व्हाइट हाउस की एक मीटिंग के दौरान इस मसले पर राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है.

बताया जा रहा है कि अमेरिकी यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के इस फैसले का विरोध भी कर सकती है. इंटरनेशनल एजुकेशन में कई फैक्टर काम करते हैं. इसमें बौद्धिक मूल्यों का आदान प्रदान तो शामिल है ही. इंस्टीट्यूशन को विदेशी छात्रों से भारीभरकम फीस भी मिलती है. चीन के सबसे ज्यादा स्टूडेंट होने की वजह से यूनिवर्सिटी को काफी आर्थिक नुकसान हो सकता है.

पिछले दिनों एडमिनिस्ट्रेशन और टीचर्स को चीन के छात्रों के राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को लेकर एफबीआई और जस्टिस डिपार्टमेंट ने आगाह किया था. खासकर वैसे छात्र जो साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं. हालांकि यूनिवर्सिटी के कर्मचारी इस फैसले के खिलाफ जा सकते हैं. किसी खास देश के छात्रों को टारगेट करना, एंटी एशियन रेसिस्जम के दायरे में आ सकता है.

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First published: May 28, 2020, 9:24 PM IST
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