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अमेरिकाः मिलिट्री जोन में बदला US कैपिटल हिल, कुछ देर के लिए लगाया गया लॉकडाउन

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों द्वारा हथियार बंद प्रदर्शनों की आशंका जताई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों द्वारा हथियार बंद प्रदर्शनों की आशंका जताई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

United State: जो बाइडन (Joe Biden) के शपथ ग्रहण से पहले हिंसा की आशंका को देखते हुए अमेरिका के 50 राज्यों और वॉशिंगटन डीसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. आवाजाही की मनाही है, लेकिन स्थानीय सुरक्षाकर्मियों ने कहा है कि पब्लिक को कोई खतरा नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 12:14 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी संसद भवन परिसर की सुरक्षा को बाहरी तत्वों से खतरे के चलते सोमवार को कुछ समय के लिए लॉकडाउन में रखा गया. कुछ दूरी पर आग लगने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी. अमेरिकी कैपिटल पुलिस ने एक संदेश में कहा, 'कैपिटल परिसर के भीतर सभी इमारतों की सुरक्षा को बाहरी तत्वों से खतरा है. किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं है. खिड़कियों, दरवाजों से दूर रहें. यदि बाहर हैं तो आड़ में रहें.' बाद में लॉकडाउन हटा दिया गया.

बाइडन के शपथ ग्रहण से पहले अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI ने हथियारबंद हिंसा की चेतावनी जारी की है और माना जा रहा है कि ट्रंप समर्थकों समेत गोरे चरमपंथी हिंसा फैला सकते हैं. लिहाजा, एहतियातन अमेरिका के 50 राज्यों और वॉशिंगटन डीसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. आवाजाही की मनाही है, लेकिन स्थानीय सुरक्षाकर्मियों ने कहा है कि पब्लिक को कोई खतरा नहीं है. बता दें कि जो बाइडन के शपथ ग्रहण से पहले यूएस कैपिटल हिल और आसपास के इलाकों को मिलिट्री जोन में तब्दील कर दिया गया है.

भारी संख्‍या में सैनिकों की तैनाती
वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न राज्यों से बसों और विमानों के जरिए शनिवार को ही राजधानी में आने लगे. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने से पहले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने राज्यों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के अधिकाधिक जवानों को भेजने की अपील की थी, जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके.
गौरतलब है कि छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर भीड़ ने हिंसक धावा बोला था. उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं. सशस्त्र घुसपैठियों के आने और विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है. वाशिंगटन में 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है. लेकिन इसके साथ ही राज्यों के संसद भवनों में हिंसा की आशंका के संबंध में चिंता जताई जा रही है.



अधिकारियों के मुताबिक बीते 72 घंटों में कम से कम 7,000 सैनिक मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रूज पहुंचे. कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं. सेना संबंधी मामलों के मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी थी. एफबीआई ने भी सभी राज्यों के संसद भवनों में हिंसक हमलों की आशंका जताई है. रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी राज्यों की राजधानियों में हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है.

पूरे अमेरिका के सभी राज्यों के संसद भवनों में भारी भरकम हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है. लोकतंत्र के प्रतीक ये भवन वैसे ही लग रहे हैं जैसे कि युद्धग्रस्त देशों में भारी सुरक्षा के बीच अमेरिकी दूतावास होते हैं. गर्वनरों ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है. राज्यों के संसद भवनों को जनता के लिए बंद कर दिया गया है.
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