साथियों की जान बचाने के लिए इस अमेरिकी छात्र ने दे दी अपनी कुर्बानी

अमेरिका में एक और स्कूली छात्र ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी
(image credit: AP)
अमेरिका में एक और स्कूली छात्र ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी (image credit: AP)

18 साल की नुई गियासोली उस दिन को याद करते हुए कहती हैं, 'उसने ज़ोर से केवल इतना ही कहा, हिलने की कोशिश मत करना.'

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स्कूल बंद होने में महज़ तीन ही दिन बचे थे. मिस हार्पर का अंग्रेज़ी का क्लास चल रहा था और बच्चे ऊंघते हुए 'द प्रिंसेज़ ब्राइ़़ड' देख दिन का आखिरी पीरियड गुज़ार रहे थे. तभी उनका एक साथी देर से क्लास में घुसा और आते ही अपने सहपाठियों पर बंदूक तान दी.


18 साल की नुई गियासोली उस दिन को याद करते हुए कहती हैं, 'उसने ज़ोर से केवल इतना ही कहा, हिलने की कोशिश मत करना.' नुई को याद है कि कारों और इंजीनियरिंग का शौकीन और बेहद विनम्र किशोर केंड्रिक कैस्टिलो बंदूकधारी को रोकने के लिए उठा और उसकी मौत गोली लगने से हो गई. गोलीबारी में 8 अन्य छात्र घायल हो गए. मंगलवार दोपहर अमेरिका के कोलाराडो में डेनवर शहर से 24 किलोमीटर दूर स्थित एसटीईएम स्कूल में ये घटना घटी. इस घटना को इसी स्कूल के दो छात्रों ने अंजाम दिया था. 



इस उपनगर के कई छात्र और उनके माता-पिता बुधवार को इकट्ठा हुए और उन्होंने मृत छात्र केंड्रिक कैस्टिलो को श्रृद्धांजलि अर्पित की. अमेरिका के स्कूल में लगातार होती गोलीबारी की घटनाओं में अपने प्राणों की आहुति देने वाले छात्रों की सूची में अब कैस्टिलो का नाम भी शामिल हो गया है. हर बार स्कूलों में गोलीबारी कांड के दौरान साथियों की जान बचाते हुए कोई ना कोई छात्र अपने प्राणों की आहुति देता है.


अभी पिछले हफ्ते ही यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना में हुई गोलीबारी के दौरान कैंपस में मौजूद एक अन्य बंदूकधारी को रोकते हुए एक छात्र की मौत हो गई थी. महज़ एक हफ्ते बाद ही वैसे ही हालात में कैस्टिलो को अपनी जान गंवानी पड़ी. 20 साल पहले भी इसी इलाके के एक स्कूल में दो नाबालिग बंदूकधारियों ने 13 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.


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