लाइव टीवी

कश्मीर पर भारत की आलोचना करने वाली अमेरिकी मुस्लिम सांसद ने दिखाया दोहरा रवैया

News18Hindi
Updated: October 30, 2019, 6:28 PM IST
कश्मीर पर भारत की आलोचना करने वाली अमेरिकी मुस्लिम सांसद ने दिखाया दोहरा रवैया
इलहान उमर ने कश्मीर और असम में एनआरसी मुद्दे पर सरकार की आलोचना की थी.

इलहान उमर ने मानवाधिकार (Human Rights) के मुद्दे पर एक बैठक के दौरान कश्मीर (Kashmir) में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर भारत की आलोचना की थी, लेकिन जब 1914-1923 के आर्मेनियाई नरसंहार (Armenian Genocide) की बात आई, तो इलहान ने उस घटना को "नरसंहार" के रूप में मानने से ही इनकार कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2019, 6:28 PM IST
  • Share this:
उदय सिंह राणा

नई दिल्ली. कश्मीर के मुद्दे पर भारत पर आरोप लगाने वाली अमेरिका में डेमोक्रेट सांसद इलहान उमर (Ilhan Omar) का दोहरा चरित्र सामने आ गया है. इलहान उमर ने मानवाधिकार (Human Rights) के मुद्दे पर एक बैठक के दौरान कश्मीर (Kashmir) में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर भारत की आलोचना की थी, लेकिन जब 1914-1923 के आर्मेनियाई नरसंहार (Armenian Genocide) की बात आई, तो इलहान ने उस घटना को "नरसंहार" के रूप में मानने से ही इनकार कर दिया.

इलहान उमर अमेरिका में मिनेसोटा राज्य से डेमोक्रेटिक सांसद हैं और प्रतिनिधि सभा की सदस्य हैं. अमेरिका की इसी प्रतिनिधि सभा ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य द्वारा आर्मेनियाई लोगों की बड़े पैमाने पर हत्या को एक नरसंहार (Armenian Genocide) के तौर पर मान्यता देने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में वोट किया. लेकिन इलहान उमर ने इसके विरोध में वोट किया. ये प्रस्ताव 11 वोट के मुकाबले 405 वोट से पास हुआ.

लाखों ईसाइयों का हुआ था कत्ल

इलहान उमर ने इसके विरोध में वोट किया, आर्मेनिया की ये नृशंस घटना अब नरसंहार के नाम से जानी जाएगी. इससे पहले जर्मनी के एक सांसद ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य द्वारा आर्मेनियाई लोगों की हत्या को नरसंहार घोषित किया था. लाखों आर्मेनियाई कैथलिक ईसाइयों की हत्या को 20वीं सदी का पहला जनसंहार कहा है.

अपनी सफाई में इलहान उमर ने ये कहा
वोटिंग के बाद इलहान उमर के ऑफिस ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए मेरी जवाबदेही है. इनमें विशेष रूप से जातियों के प्रति संघर्ष और नरसंहार सर्वोपरि हैं. लेकिन एक राजनीतिक युद्ध को नरसंहार नहीं कहा जा सकता. यह शैक्षणिक सहमति के आधार पर होना चाहिए. न कि राजनैतिक खींचतान के आधार पर. मानवता के खिलाफ ऐतिहासिक अपराधों में 20वीं शताब्दी के दोनों जघन्य नरसंहार शामिल होने चाहिए. इसमें दास व्यापार और मूल अमेरिकियों के नरसंहार को भी शामिल करना चाहिए. इन दोनों घटनाओं में लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई. यही कारण था कि मैंने इसके समर्थन में वोट नहीं दिया.
Loading...

इलहान उमर और राशिदा तलैब अमेरिका में पहली दो मुस्लिम महिलाएं हैं, जो अमेरिकी कांग्रेस में चुनी गई हैं. ये दोनों जनवरी 2017 में चुनकर आई थीं. इलहान उमर मानवाधिकार के मामलों को उठाने के लिए जानी जाती हैं. हालांकि इस मुद्दे पर उनका दोहरा रवैया दिखता है.

सऊदी अरब और इजरायल की भी कर चुकी हैं आलोचना
इलहान उमर यमन में सऊदी अरब की भूमिका के लिए उसकी कड़ी आलोचना कर चुकी हैं. इसके अलावा सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब प्रशासन के बायकॉट की बात कह चुकी हैं. फिलिस्तीन के खिलाफ इजरायल के ऑपरेशन पर निशाना साध चुकी हैं. इसीलिए उनके विरोधियों का दावा है कि वह "यहूदी-विरोधी" विचार रखती हैं.

5 अगस्त को जब भारत ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 में बदलाव किया और एहतियातन कुछ प्रतिबंध लगाए तो उन्होंने भारत सरकार की आलोचना की. इसके अलावा असम में एनआरसी मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की थी.

ये भी पढ़ें :

जानिए कौन हैं EU सांसदों का कश्मीर दौरा प्लान करने वाली मादी शर्मा
अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा- US कांग्रेस का जांच दल भेजा जाए कश्मीर
अमेरिकी विशेषज्ञ का दावा, लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग देती है ISI

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अमेरिका से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 30, 2019, 5:15 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...