होम /न्यूज /दुनिया /

अमेरिकाः ईरान ने पूर्व NSA और पोम्पिओ को मारने की रची थी साजिश, जिसे सुपारी दी उसने FBI को बताया, फिर...

अमेरिकाः ईरान ने पूर्व NSA और पोम्पिओ को मारने की रची थी साजिश, जिसे सुपारी दी उसने FBI को बताया, फिर...

ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और माइक पोम्पिओ की हत्या की साजिश रची थी (twitter.com/JoelMartinRubin)

ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और माइक पोम्पिओ की हत्या की साजिश रची थी (twitter.com/JoelMartinRubin)

अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक सदस्य के खिलाफ पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor- NSA) जॉन बोल्टन की हत्या की साजिश रचने के लिए आपराधिक आरोपों की घोषणा की. बोल्टन ने ट्रम्प और बुश प्रशासन के दौरान वरिष्ठ पदों पर काम किया था.

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

अमेरिकी न्याय विभाग का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खिलाफ आरोप
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की हत्या की साजिश रची गई
पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की भी हत्या की साजिश रची जा रही थी

वाशिंगटन. अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक सदस्य के खिलाफ पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor-NSA) जॉन बोल्टन की हत्या की साजिश रचने के लिए आपराधिक आरोपों की घोषणा की. बोल्टन ने ट्रम्प और बुश प्रशासन के दौरान वरिष्ठ पदों पर काम किया था.

सीएनएन की एक खबर के मुताबिक न्याय विभाग ने कहा कि ये कथित साजिश जनवरी 2020 के अमेरिकी हवाई हमले के लिए ‘प्रतिशोध’ लेने के लिए रची गई थी, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी. हमले के बाद आतंकवादी संगठन के नेताओं ने सुलेमानी की मौत के लिए अमेरिकियों के खिलाफ बदला लेने की कसम खाई थी और सार्वजनिक रूप से तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके प्रशासन में अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ जमकर बरसे थे.

अभियोजकों ने कहा कि 45 वर्षीय ईरानी नागरिक और आईआरजीसी सदस्य शाहराम पोरसाफी ने बोल्टन को मारने के लिए अमेरिका में एक शख्स को 300,000 डॉलर का भुगतान करने की कोशिश की और कहा कि उसके पास 10 लाख डॉलर का एक दूसरा काम भी था. इस मामले की जानकारी रखने वाले एक स्रोत और पोम्पिओ के करीबी के अनुसार पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की भी हत्या की साजिश रची जा रही थी.

तो टेररिज्म से बड़े इस खतरे को भांपकर अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ने का किया था फैसला

पोम्पिओ के करीबी सूत्र ने कहा कि ‘दूसरा काम’ पोम्पेओ की हत्या का था. पोम्पिओ ने सुलेमानी पर हुए हवाई हमले के समय राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प की सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था. पोम्पिओ के करीबी सूत्र ने बताया कि उन्हें पिछले बुधवार को सीधे न्याय विभाग ने ही बताया था कि पोम्पिओ ईरान के आईआरजीसी द्वारा रची गई हत्या की साजिश का दूसरा लक्ष्य थे. पोरसाफी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. उसने अमेरिका के एक शख्स से संपर्क किया जो गुप्त रूप से एफबीआई मुखबिर के रूप में काम कर रहा था.

Tags: America, Iran

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर