विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा- अमेरिका जिन जगहों से हटा था, चीन ने वहां पांव जमाया

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम जहां से पीछे हटे थे, चीन ने उन जगहों को भरा है. 
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम जहां से पीछे हटे थे, चीन ने उन जगहों को भरा है. ANI

Antony Blinken on China: अमेरिकी विदेश एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका जिन जगहों से पीछे हटा था, चीन ने उसकी जगह लेने की कोशिश की.

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  • Last Updated: March 3, 2021, 11:42 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) की सरकार ने चीन (China) के मसले पर अपना रुख साफ कर दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने बुधवार को कहा कि चीन के साथ अमेरिका का रिश्ता प्रतिस्पर्धात्मक होगा, जब इसे होना चाहिए और जब हो सकेगा तो साझेदारी वाला होगा और विरोधात्मक होगा, जब इसे जरूर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि चीन के साथ अपने मजबूत पक्षों के साथ डील किया जाए.

ब्लिंकन ने कहा कि इसके लिए अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर काम करना है, अगर हम मिलकर काम करेंगे तो चीन के लिए हमें इग्नोर करना मुश्किल होगा. इसके अलावा हमें डिप्लोमेसी और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम जहां से पीछे हटे थे, चीन ने उन जगहों को भरा है.

इससे पहले बुधवार को ब्लिंकन ने अमेरिकी विदेश नीति का खाका खींचते हुए आठ तथ्यों का जिक्र किया था, जिसके जरिए अमेरिकी कूटनीति राष्ट्रपति जो बाइडन की रणनीति को आगे बढ़ाएगी. ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका अब नई आंखों से देख रहा है. अमेरिका की वैश्विक स्तर पर नेतृत्व बहाली, विश्व को अपने साथ जोड़ना, लोकतंत्र का नवीनीकरण, कोविड-19 महामारी पर काबू पाना और जलवायु परिवर्तन से निपटना मुख्य रूप से इन नीतियों में शामिल हैं.



ब्लिंकन ने अपने भाषण में कहा, "हमारे मित्र खुश हैं कि हम वापस आ गए हैं,क्योंकि अमेरिका समस्याओं को हल करने में दूसरे देशओं को साथ लाने में विशिष्ट रूप से सक्षम है. दुनिया खुद ही अपने आप को व्यवस्थित नहीं करती है. जब हम वापस हटते हैं तो दो में से एक चीज होती है, या तो दूसरा देश हमारा स्थान लेने का प्रयास करता है, हालांकि इस तरह नहीं, जो हमारे हितों और मूल्यों को आगे बढ़ाता है."
ब्लिंकन ने कहा, "जहां से हमने छोड़ा है, सामान्य तौर पर हम वहां से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, हम दुनिया को नई आंखों से देख रहे हैं."

बता दें कि पिछले महीने राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपनी अनुपस्थिति को और बर्दाश्त नहीं कर सकता.
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