सुलेमानी के साथ एक और ईरानी कमांडर को मारना चाहता था अमेरिका, चूका निशाना

सुलेमानी के साथ एक और ईरानी कमांडर को मारना चाहता था अमेरिका, चूका निशाना
सुलेमानी के साथ एक और ईरानी कमांडर को मारना चाहता था अमेरिका, चूका निशाना

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अमेरिका (America) ने बगदाद एयरपोर्ट (Baghdad Airport) के बाहर कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) को निशाना बनाने के साथ यमन में भी एयर स्ट्राइक (Airstrike) की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2020, 8:22 AM IST
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वॉशिंगटन. कुद्स फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem Soleimani) की मौत के बाद से ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान ने कुछ दिन पहले ही इराक में अमेरिकी एयरबेस पर 22 मिसाइलें दागकर बता दिया था कि ड्रोन हमले के बाद वह चुप बैठने वाला नहीं है और वह अमेरिका से बदला लेकर रहेगा. इसी बीच अमेरिकी मीडिया ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है. कहा जा रहा है कि सुलेमानी पर ड्रोन हमले वाले दिन उसने एक और एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया था, जिसमें ईरान के एक और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया गया था. अधिकारी ने बताया कि अमेरिका का यह निशाना आखिरी मौके पर चूक गया.

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने बगदाद एयरपोर्ट के बाहर कासिम सुलेमानी को निशाना बनाने के साथ यमन में भी एयर स्ट्राइक की थी. इस हमले में ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कोषाध्यक्ष और कुद्स फोर्स के हाई रैकिंग अधिकारी अब्दुल रजा शहलाई को निशाना बनाया जाना था. बताया जाता है कि अमेरिका ने ईरान के दोनों कमांडर कासिम सुलेमानी और शहलाई को पिछले काफी वक्त से अपने निशाने पर रखा हुआ था. गौरतलब है कि अमेरिका ईरान के कुद्स को आतंकी बताता है जबकि कुद्स बल इराक में रह रहे अमेरिकी सैनिको को आतंकी मानते हैं.

बता दें कि 3 जनवरी को बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर अमेरिका ने ड्रोन से हमला कर कासिम सुलेमानी और इराकी शिया मिलिशिया ग्रुप के डेप्युटी कमांडर अबु महदी अल मुहंदिस को मार गिराया था. इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया अगर वह हमला नहीं करते तो बड़ा नुकसान हो सकता था. ट्रंप ने बताया कि सुलेमानी अमेरिकी दूतावास के अलावा दूसरे संगठनों पर बड़े हमले की योजना बना रहा था.



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कौन है अब्दुल रजा शहलाई
अब्दुल रजा शहलाई, ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कोषाध्यक्ष और कुद्स फोर्स के हाई रैकिंग अधिकारी हैं. बताया जाता है दिसंबर में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शहलाई के बारे में जानकारी देने वाले को 15 मिलियन डॉलर देने की पेशकश की थी. शहलाई पर आरोप है कि वह इराक में अमेरिकी सेना के खिलाफ हमले का आरोपी है. 2007 में कर्बला में हुए हमले की साजिश रचने में भी शहलाई का हाथ है. इस हमले में 5 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे.

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