डॉक्टरों ने दे दिया था जवाब, किताबें पढ़कर किया खुद का इलाज, 11 साल बाद पैरों पर खड़ा हुआ

डॉक्टरों के पास से जवाब मिलने के बाद डॉउ ने खुद ढाई हजार पेज की एंडोक्रिनोलॉजी पुस्तक पढ़ी. 2010 में उसे पता चला कि उसके एड्रीनल ग्लेंड्स में ट्यूमर है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 3:21 PM IST
डॉक्टरों ने दे दिया था जवाब, किताबें पढ़कर किया खुद का इलाज, 11 साल बाद पैरों पर खड़ा हुआ
किताबें पढ़कर किया था खुद का इलाज, 11 साल बाद पैरों पर हुआ खड़ा
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Updated: July 31, 2019, 3:21 PM IST
इंसान अगर चाह ले तो वो कुछ भी हासिल कर सकता है. किसी भी बड़ी लड़ाई को जीत सकता है. ऐसे ही जज्बे ने अमेरिका के एक लड़के को 11 साल बाद बिस्तर से खड़ा कर दिया. खास बात यह है कि डॉक्टरों ने लड़के के परिवार वालों को जवाब दे दिया था और उसके बिस्तर से खड़े होने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही थी. हर तरफ से निराशा हाथ लगने के बाद भी लड़के ने अपनी विल पॉवर कमजोर नहीं होने दी और वो कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

अमेरिका के डॉउ लिंडसे पिछले 11 साल से बिस्तर पर ही लेटे हुए थे. डॉउ ने अभिभावकों ने उसे कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन किसी ने भी उनकी बीमारी ठीक होने की बात नहीं कही. डॉक्टरों का कहना था कि डॉउ को थॉयराइड है जो गंभीर स्टेज पर पहुंच गया है. डॉक्टरों से जवाब मिलने के बाद डॉउ ने खुद ढाई हजार पेज की एंडोक्रिनोलॉजी पुस्तक पढ़ी. 2010 में उसे पता चला कि उसके एड्रीनल ग्लेंड्स (अधिवृक्क ग्रंथी) में ट्यूमर है.

इसके बाद डॉउ लिंडसे ने अपने दोस्त की मदद से अपनी सर्जरी करवाई और करिश्मा हो गया. अब वह केवल चल-फिर ही नहीं दौड़ भी सकता है. अब वह मोटिवेशनल क्लासेस लेता है.

रॉकहर्ट्स यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले डॉउ लिंडसे ने बताया कि जब वह 21 साल के थे तभी एक दिन वह घर पर बेहोश होकर डाइनिंग टेबल से गिर पड़े. उन्हें कई बार उठाने की कोशिश की गई, लेकिन वह बार-बार बेहोश हो रहे थे. डॉउ को कई डॉक्टरों को दिखाया गया लेकिन कोई भी उसका इलाज समझ नहीं सका. डॉउ ने बताया कि उनकी मां और मौसी को भी इसी तरह की बीमारी थी.
First published: July 31, 2019, 1:52 PM IST
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