कैंसर से जीत गया लेकिन कोरोना वायरस ने छीनी जिंदगी, सिर्फ 2 हफ्ते में हुई मौत

कैंसर से जीत गया लेकिन कोरोना वायरस ने छीनी जिंदगी, सिर्फ 2 हफ्ते में हुई मौत
अमेरिका में कैंसर सरवाइवर की कोरोना वायरस से मौत

ये अपने तरह का एकलौता मामला है, जिसमें कैंसर सरवाइवर की कोरोना वायरस की चपेट में आकर सिर्फ 2 हफ्ते में ही मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2020, 2:32 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के कई हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं. एक ऐसे ही मामले में एक शख्स की कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के सिर्फ 2 हफ्ते के भीतर मौत हो गई, जबकि वो शख्स कैंसर जैसी भयावह बीमारी को हरा चुका था. ये अपने तरह का एकलौता मामला है, जिसमें कैंसर सरवाइवर की कोरोना वायरस की चपेट में आकर सिर्फ 2 हफ्ते में ही मौत हो गई.

ऐसा भी नहीं हैं कि ये शख्स कोई ज्यादा उम्र का था. ये सबसे कम उम्र का अमेरिकी युवा था, जिसकी कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मौत हुई है.

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 34 साल के जेफ्री गजैरियन को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था. दो हफ्ते पहले ही वो डिज्नी वर्ल्ड स्टूडियो और यूनिवर्सिल स्टूडियो घूमकर आया था. उसी दौरान वो बीमार पड़ा और संक्रमण के सिर्फ 2 हफ्तों में उसकी मौत हो गई.



परिवार ने फेसबुक पर साझा की दुखद कहानी
उसकी मौत पर परिवार वालों ने फेसबुक पर लिखा- ‘हमारा प्यारा, सबका दुलारा जेफ्री आज सुबह जीसस के पास चला गया. उसने बहुत कुछ झेला और अच्छी फाइट दी. हम सब जेफ्री को हर दिन याद करेंगे. हम शुक्रगुजार हैं कि हमने उसके साथ अच्छे और याद करने वाले लम्हें बिताए.’

कैलिफोर्निया में रहने वाली जेफ्री की बहन लौरीन ने सबसे पहले पिछले शुक्रवार को फेसबुक पर उसके वायरस के संक्रमण में आने की जानकारी दी थी. जेफ्री ने सबसे पहले 2 मार्च को लॉस एंजिल्स से ऑरलैंडो, फ्लोरिडा के लिए फ्लाइट ली थी. इसके बाद वो अपने दोस्तों के साथ दो दिन के डिज्नी वर्ल्ड और यूनिवर्सल स्टूडियो के ट्रिप पर गया था.

8 मार्च को उसे खांसी की शिकायत हुई. अगले दिन उसे खांसी के साथ खून आने लगा. उसके अगले ही दिन जेफ्री ने अपने घर की उड़ान भरी. उसे तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. फेसबुक पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक पहले बताया गया कि उसे न्यूमोनिया हुआ है. उसे एंटीबॉयोटिक्स दी गई और उसे आइसोलेशन में रहने को कहा गया था. इसके बाद कोरोना वायरस को लेकर उसका टेस्ट हुआ.

5 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद हुई मौत
13 मार्च को वायरस संक्रमण में उसे पॉजिटिव पाया गया. उसी रात उसे हॉस्पिटल ले जाया गया. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. कोरोना वायरस ने उसी बुरी तरह से बीमार कर दिया था.

जेफ्री के परिवार के मुताबिक उसे बचपन से ही अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की शिकायत थी. लेकिन वो ठीक हो गया था. बरसों से उसे इनहेलर की जरूरत नहीं पड़ी थी. साल 2016 में उसे टेस्टीकुलर कैंसर हुआ था. ऑपरेशन के बाद उसने कैंसर को हरा दिया था. वो कैंसर का शिकार होने से बच गया लेकिन कोरोना वायरस से नहीं बच पाया.

उसे कोरोना वायरस के ट्रायल वाली दवाएं दी गई थी. लेकिन उसकी हालत खराब होती चली गई. उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी. बुधवार को उसे वेंटिलेटर पर डाल दिया गया. गुरुवार को उसके परिवार ने बताया कि 5 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसकी मौत हो गई.

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