H-1B वीज़ा की संख्या कम करने वाला है अमेरिका, पेशेवर भारतीयों को होगी दिक्कत

एच1बी की संख्या को सीमित करने पर विचार उस वक्त किया जा रहा है जब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो कुछ ही दिनों बाद भारत के दौरे पर आ रहे हैं.

रॉयटर्स
Updated: June 20, 2019, 9:22 AM IST
H-1B वीज़ा की संख्या कम करने वाला है अमेरिका, पेशेवर भारतीयों को होगी दिक्कत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PTI)
रॉयटर्स
Updated: June 20, 2019, 9:22 AM IST
अमेरिका ने भारत से कहा है कि वो एच-1 बी वीजा की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है. ये नियम उन देशों पर लागू किया जाएगा, जो विदेशी कंपनियों को अपने यहां डेटा जमा करने के लिए बाध्य करती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तीन अलग-अलग सूत्रों के हवाले से बताया है कि टैरिफ और ट्रेड वॉर के चलते ऐसा हो रहा है.

एच1बी की संख्या को सीमित करने पर विचार उस वक्त किया जा रहा है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो कुछ ही दिनों बाद भारत के दौरे पर आ रहे हैं.

ट्रेड और टैरिफ वॉर

अमेरिका की कार्रवाई को बदलने की भावना से देखा जा रहा है. दरअसल हाल के दिनों में टैरिफ वॉर के चलते भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में कड़वाहट आ गई है. रविवार को भारत ने अमेरिकी समानों पर ज्यादा टैक्स लगाने का ऐलान किया. ये कदम तब उठाया गया, जब पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को व्यापार में मिलने वाली कुछ छूटों खत्म कर दिया था.

10-15% H-1B वीजा

बुधवार को भारत के दो सीनियर अधिकारियों को अमेरिका ने वीजा पाबंदी के बारे में बताया. कोटे के तहत हर साल अब सिर्फ 10-15 फीसदी भारत के लोगों को एच वन बी वीजा दिया जाएगा. अमेरिका हर साल 85000 लोगों को एच वन बी वीजा देता है. जिसमें से ये वीजा 70 फीसदी वीजा भारत के लोगों को दिया जाता है.

क्या है डेटा को लेकर नया नियाम?
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विदेशी कंपनियो को भारत में ही डेटा रखने को कहा जाता है. इससे कंपनी पर नियंत्रण करने में आसानी होती है. लेकिन विदेशी कंपनियों की ताकत कम हो जाती है. लिहाजा अमेरिका की कंपनियां इस कदम से खुश नहीं है. कहा जा रहा है कि अमेरिका की कुछ कंपनिया भारत के डेटा को लेकर नए नियम से नाराज है. खास कर मास्टरकार्ड ने डेटा स्टोरेज के नए नियम पर आपत्ति जताई है.

क्या एच1बी वीजा ?

एच1बी वीजा ऐसे विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए जारी किया जाता है, जो किसी 'खास' काम में कुशल होते हैं. इसके लिए आम तौर उच्च शिक्षा की जरूरत होती है. कंपनी में नौकरी करने वालों की तरफ से एच 1 बी वीज़ा के लिए इमीग्रेशन विभाग में आवेदन करना होता है. ये व्यवस्था 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शुरू की थी.

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First published: June 20, 2019, 8:42 AM IST
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