आंट ग्रुप बनी $200 बिलियन की कंपनी, यह चीन का सबसे बड़ा ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म

आंट ग्रुप 16 सालों में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कंपनी बनी
आंट ग्रुप 16 सालों में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कंपनी बनी

चीन के बिजनेसमैन जैक मा (Jack Ma) ने आनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) के साम्राज्य को विस्तार देने के लिए 16 साल पहले आब्स्क्यूर पेमेंट सर्विस (Obscure payment Service) की शुरूआत की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 7:44 AM IST
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बीजिंग. चीन के बिजनेसमैन जैक मा (Jack Ma) ने आनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) के साम्राज्य को विस्तार देने के लिए 16 साल पहले आब्स्क्यूर पेमेंट सर्विस (Obscure payment Service) की शुरूआत की थी. आज यह 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा बड़ी कंपनी हो गई. हालांकि जैक मा ने जब इसकी शुरूआत की थी तब शायद कुछ ही लोगों को यह भरोसा था कि यह सफल हो पाएगी. लेकिन यह कंपनी आज आंट ग्रुप की रीढ़ बन चुकी है.

यह ग्रुप हांगकांग और शंघाई में तेजी से बढ़ रहा है

अपने संस्थापक के विश्वास के कारण कंपनी का नाम एक कीड़े के नाम पर रखा गया और इसके पीछे की सोच यह थी कि "छोटा सुंदर है, छोटा शक्तिशाली है." आंट ग्रुप चीन में कुछ भी है, लेकिन छोटा है. यह ग्रुप हांगकांग और शंघाई में बहुत तेजी से विस्तार पा रहा है और दूसरी बार यहां की सबसे बड़ी आईपीओ कंपनी बनकर उभरी है.



यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी फर्मों में से एक है
रेस कैपिटल के एडिथ युंग ने बताया कि जैक मा के लिए आंट ग्रुप सचमुच में ताज में जड़ा जवाहरात की तरह है. यह कंपनी चीन की इंटरनेट इंडस्ट्री में भी बहुत मायने रखती है. यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी फर्मों में से एक है और चीन में सबसे बड़ा ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म है. ऐप ने चीन में वित्तीय जीवन के हर पहलू, निवेश खातों और माइक्रो बचत उत्पादों से लेकर बीमा, क्रेडिट स्कोर और यहां तक कि डेटिंग प्रोफाइल तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है.

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यह सब चीन के नवजात ऑनलाइन शॉपिंग उद्योग में सुराख करने के लिए एक साइड प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ. 2004 में बहुत कम लोगों के पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड हुआ करता था और अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले खरीदारों और विक्रेताओं को भुगतान संभालने के लिए एक विश्वसनीय तरीके की आवश्यकता थी. ऐसे में जैक इस कंपनी को सामने लेकर आए और आज यह सिर्फ 16 साल में दुनिया की एक बड़ी कंपनियों में से एक बन चुकी है.
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