जल्द बाज़ार में आने वाला कोरोना से बचाव करने वाला नेज़ल स्प्रे, भारत में फरवरी तक आएगी वैक्सीन

जल्द बाज़ार में आने वाला है कोरोना से बचाने वाला नेजल स्प्रे.
जल्द बाज़ार में आने वाला है कोरोना से बचाने वाला नेजल स्प्रे.

Anti-coronavirus nasal spray: जल्द ही बाज़ार में कोरोना संक्रमण से बचाव करने वाला नेजल स्प्रे आने वाला है. ये स्प्रे जुकाम या अन्य बीमारियों में इस्तेमाल किये जाने वाले स्प्रे की तरह ही काम करेगा और पूरी तरह सुरक्षित होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2020, 11:55 AM IST
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लंदन/मिलान. बर्मिंघम विश्वविद्यालय (University of Birmingham) के अनुसंधानकर्ताओं ने कोविड-19 वायरस (Coronavirus) से प्रभावी सुरक्षा मुहैया कराने वाला एक नेजल स्प्रे (Nasal Spray) तैयार किया है. विश्वविद्यालय ने गुरुवार को कहा कि यह स्प्रे मनुष्यों के इस्तेमाल के लिए तैयार है. उधर वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ ने कहा कि कोरोना वैक्सीन अगले साल फरवरी से उपलब्ध होगी.

बर्मिंघम विश्वविद्यालय में हेल्थकेयर टेक्नोलाजी इंस्टीट्यूट की एक टीम ने ब्रिटेन, यूरोप और अमेरिका में नियामक निकायों द्वारा व्यापक रूप से स्वीकृत कंपाउंड का इस्तेमाल कर स्प्रे तैयार किया है. इसमें प्रयुक्त सामग्री का चिकित्सकीय उपकरणों, दवाओं और यहां तक कि खाद्य उत्पादों में प्रयोग किया जाता है. इसका मतलब यह है कि इसका बाजार में आना आसान हो गया है. जल्दी ही यह स्प्रे बाजार में उपलब्ध होगा. शोधपत्र के अग्रणी लेखक डॉ. रिचर्ड मोआकेस ने कहा, 'यह स्प्रे आसानी से उपलब्ध उत्पादों से तैयार किया गया है. ये उत्पाद पहले से ही खाद्य उत्पादों और दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं. हमने सोच समझकर अपनी डिजाइन प्रक्रिया में इसे तैयार किया है. इसका अर्थ यह है कि सही साझेदार के साथ हम कुछ सप्ताह में इसका व्यापक उत्पादन शुरू कर सकते हैं.'

इटली में जनवरी से वैक्सीन प्रोग्राम शुरू
उधर कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए तमाम देशों की सरकारें लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन मुहैया करने की कोशिश में जुटी हुई हैं. इटली अपने लोगों को जनवरी से कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाना शुरू कर देगा. कोरोना वायरस आपातकाल के लिए इटली के विशेष आयुक्त ने बताया कि जो लोग वैक्सीन लगावाना चाहते हैं उन सभी लोगों को अगले साल सितंबर तक इसकी डोज मिल जाएगी. वहीं, भारत में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की कोरोना वैक्सीन अगले साल फरवरी से उपलब्ध होगी. विशेष आयुक्त डोमेनिको अर्कुरी ने कहा कि यूरोपीय संघ के खरीद कार्यक्रम के माध्यम से जनवरी के मध्य तक फाइजर वैक्सीन की 3.4 मिलियन (34 लाख) खुराक मिल जाएगी, जो इटली के 6 करोड़ लोगों में से 16 लाख लोगों को वैक्सीन की दो खुराक देने के लिए पर्याप्त है. उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों और ज्यादा जोखिम वाले व्यक्तियों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी.
अर्कुरी ने कहा, 'हम नहीं जानते हैं कि कितने लोग वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, लेकिन हमारी आबादी के एक महत्वपूर्ण हिस्से को साल की पहली छमाही में या तीसरे तिमाही के अंत तक किसी भी कीमत पर टीका लगा दिया जाएगा.' उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिशों के आधार पर सरकार संसद को सूचित करेगी जिसमें विभिन्न श्रेणियों के नागरिकों को खुराक दी जानी है. इटली में वैक्सीन लगाने के लिए आवश्यक सीरिंज और सुइयों के लिए शुक्रवार को बोली प्रक्रिया खोलने की योजना बनाई गई है. वैक्सीन लगाने के लिए तीन प्रकार की सीरिंज और कम से कम छह प्रकार की सुइयों की आवश्यकता होती है. ब्रिटेन के बाद यूरोप में इटली में कोरोना महामारी की वजह से 47,800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.







भारत में फरवरी तक वैक्सीन
वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ ने कहा कि कोरोना वैक्सीन अगले साल फरवरी से उपलब्ध होगी. वैक्सीन सबसे पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और बुजुर्ग लोगों को लगाई जाएगी. आम लोगों के लिए इसे अप्रैल से उपलब्ध करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि संभवत: 2024 तक सभी भारतीयों का टीकाकरण कर दिया जाएगा. हर भारतीय को वैक्सीन उपलब्ध कराने में दो से तीन साल का समय लगेगा, इसका कारण सिर्फ आपूर्ति संबंधी बाध्यताएं नहीं हैं.
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