चीन ने बताया- कोरोना वायरस रोगियों के इलाज में प्रभावी है ये दवाई

फैविपीरावीर एंफ्लुएंजा की दवा है जिसे जापान ने 2014 में क्लीनिकल प्रयोग के लिए मंजूरी दी थी.
फैविपीरावीर एंफ्लुएंजा की दवा है जिसे जापान ने 2014 में क्लीनिकल प्रयोग के लिए मंजूरी दी थी.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने कहा कि सोमवार को नोवल कोरोना वायरस के 21 नये मामलों की पुष्टि हुई है और 13 लोगों की इससे मौत हो गई.

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बीजिंग. पिछले तीन महीने से नोवल कोरोना वायरस (Coronavirus) से जूझ रहे चीन (China) ने फैविपिरावीर का क्लीनिकल शोध पूरा कर लिया है. यह एक एंटीवायरल दवा है जिससे कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ अच्छे क्लीनिकल संकेत मिले थे. यह जानकारी मंगलवार को चीन के एक शीर्ष अधिकारी ने दी.

चीन के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी डेवलपमेंट (National Center for Biotechnology Development) के निदेशक झांग शिनमिन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि फैविपीरावीर एंफ्लुएंजा की दवा है जिसे जापान ने 2014 में क्लीनिकल प्रयोग के लिए मंजूरी दी थी. इसकी क्लीनिकल परीक्षण के दौरान विपरीत प्रतिक्रिया नहीं दिखी.

कई देशों ने किया इबोला और एचआईवी दवाओं का इस्तेमाल
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़े केंद्र के निदेशक झांग की घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए अभी तक कोई प्रभावी उपचार नहीं है. हालांकि चीन और कई अन्य देशों ने एचआईवी के साथ ही इबोला वायरस रोगियों के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं का प्रयोग इस महामारी के इलाज में किया.
कोरोना वायरस चीन में धीरे-धीरे कम हो रहा है और वुहान में भी इसमें काफी कमी आई है जहां सोमवार को केवल एक मामला पॉजिटिव पाया गया. वायरस सबसे पहले पिछले वर्ष दिसम्बर में वुहान में सामने आया था.



चीन में सोमवार को 21 नए मामलों की पुष्टि
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को नोवल कोरोना वायरस के 21 नये मामलों की पुष्टि हुई है और 13 लोगों की इससे मौत हो गई. इनमें से 12 मौत बुरी तरह प्रभावित हुबेई प्रांत और इसकी राजधानी वुहान में हुई जबकि एक मौत शांक्सी प्रांत में हुई.

झांग ने बताया कि शांगजेन के द थर्ड पीपुल्स हॉस्पीटल में क्लीनिकल परीक्षण में 80 से अधिक रोगियों ने हिस्सा लिया जिसमें से 35 रोगियों को फैविपिरावीर दिया गया और 45 रोगी नियंत्रित समूह में रहे. उन्होंने कहा कि परिणाम में दिखा कि जिन रोगियों को फैविपिरावीर दिया गया उनमें नियंत्रित समूह की तुलना में कम समय में वायरस जांच में नकारात्मक पाया गया.

उपचार में जल्द किया जाएगा शामिल
शिन्हुआ संवाद समिति ने बताया कि वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनान अस्पताल द्वारा किए गए क्लीनिकल अध्ययन में पाया गया कि फैविपिरावीर का प्रभाव नियंत्रित समूह की तुलना में ज्यादा बेहतर रहा. झांग ने बताया कि चिकित्सकों को फैविपिरावीर का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है और कोविड-19 के उपचार में इसे जल्द से जल्द शामिल किया जाना चाहिए.

झांग ने बताया कि चीन की एक दवा कंपनी को बड़े पैमाने पर इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है और उसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.

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