होम /न्यूज /दुनिया /पृथ्वी पर डायनासोर को मारने वाले एस्टेरॉयड ने चंद्रमा पर भी किया था हमला, वैज्ञानिकों ने खोले कई राज

पृथ्वी पर डायनासोर को मारने वाले एस्टेरॉयड ने चंद्रमा पर भी किया था हमला, वैज्ञानिकों ने खोले कई राज

(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

2020 में चीनी अंतरिक्ष यान चांग'ए-5 द्वारा चन्द्रमा के नमूने को पृथ्वी पर लाया गया था, जिसपर अध्ययन किया जा रहा था. अध् ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

बीजिंग. एक ऐसा समय था जब हमारे पृथ्वी पर डायनासोर्स हुआ करते थे लेकिन आज हम उन्हें म्यूजियम में उनके संरक्षित कंकालों को देखते हैं. हम यह सोचते हैं कि क्या वाकई में इतने बड़े जानवर हमारे पृथ्वी पर हुआ करते थे. बता दें कि उनके विलुप्त हो जाने को लेकर कई बातें सामने आ चुकी है. एक अध्ययन के मुताबिक उनके समाप्त होने का कारण एस्टेरॉइड्स का पृथ्वी से टकराना था. स्टडी में एक और चौकाने वाली बात सामने आई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसी एस्टेरॉइड्स ने चन्द्रमा पर भी हमला किया था.

2020 में चीनी अंतरिक्ष यान चांग’ए-5 द्वारा चन्द्रमा के नमूने को पृथ्वी पर लाया गया था, जिसपर अध्ययन किया जा रहा था. अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चांद के मिट्टी का विश्लेषण किया, जिसके रिजल्ट चौकाने वाले थे. उन्होंने बताया कि इसपर एस्टेरॉइड्स का प्रभाव था जिसने पृथ्वी पर भी हमला किया था और यही कारण था कि डायनासोर्स खत्म हो गए. वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर हुई यह बड़ी घटना बस एक नहीं थी, इसका असर व्यापक था, अध्ययन में जो बात सामने आई है वह सबूत है.

अध्ययन को साइंस एडवांस में प्रकाशित किया गया है. कर्टिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दो अरब वर्ष तक की उम्र के सूक्ष्म कांच के मोतियों का अध्ययन किया जो चंद्र मिट्टी में पाए गए थे जिन्हें पृथ्वी पर वापस लाया गया था. शोधकर्ताओं ने बताया कि यह सूक्ष्म कांच के मोती ज्वालामुखी विस्फोट या प्रभाव के पिघलने से बनने वाले सिलिकेट ग्लास के कण सभी चंद्र मिट्टी का एक सर्वव्यापी घटक हैं. इसका आकर गोलाकार, अंडाकार या डम्बल जैसा होता है और यह माइक्रोमीटर से लेकर कुछ मिलीमीटर तक का हो सकता है. गहन अध्ययन के बाद पता चला कि यह तब बने जब क्रेटर टकराने का युग था. बता दें कि इसी युग में पृथ्वी से भी क्रेटर टकराया था.

बता दें कि 66 मिलियन वर्ष पहले पृथ्वी पर बड़े प्रभाव वाली घटनाएं जैसे कि चिक्सुलब क्रेटर के टकराने से पृथ्वी पर डायनासोर और कई अन्य प्रजातियों के बड़े पैमाने पर विलुप्त होने का कारण माना गया, यही अध्ययन में भी पाया गया कि चन्द्रमा पर इसके परिणाम देखने को मिले.

VIDEO: कैमरे में कैद हुई नासा के स्पेसक्राफ्ट और एस्टेरोइड की तेज टक्कर, पृथ्वी को बचाने का था मिशन

वैज्ञानिकों को इसके जरिये पता लगा कि चंद्र कांच के मोती जो 2 अरब वर्ष पुराना था वह कुछ बड़े क्रेटर घटनाओं की उम्र के साथ मेल खाते हैं. इसमें डायनासोर विलुप्त होने की घटना भी शामिल है. टीम अब अन्य चंद्र मिट्टी और क्रेटर युग के दौरान के नमूनों से प्राप्त डेटा की तुलना करना चाहती है ताकि अन्य महत्वपूर्ण चंद्रमा-व्यापी प्रभाव घटनाओं को उजागर करने में सक्षम हो सके ताकि नए सबूत मिल सके कि कैसे धरती पर जीवन को प्रभावित किया गया.

Tags: Moon, Research, Scientist

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें