डेनमार्कः एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्‍सीन पर लगी रोक 3 हफ्तों तक और बढ़ी, जानें वजह

डेनमार्क की सरकार ने एस्ट्राजेनेका कोविड-19 का टीका तीन और हफ्ते निलंबित रखने का फैसला किया.

डेनमार्क की सरकार ने एस्ट्राजेनेका कोविड-19 का टीका तीन और हफ्ते निलंबित रखने का फैसला किया.

Corona vaccine: स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक टीका लगवाने के एक हफ्ते बाद 60 वर्षीय एक महिला के शरीर के कई अंगों में खून के थक्के बन गए और उसकी मौत हो गई जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 8:12 PM IST
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कोपेनहेगन. डेनमार्क की सरकार ने गुरुवार को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 का टीका (AstraZeneca Covid-19 Vaccine) तीन और हफ्ते निलंबित रखने का फैसला किया. डेनमार्क ने 11 मार्च को एहतियात के तौर पर एस्ट्राजेनेका टीके के इस्तेमाल को रोक दिया था.

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक टीका लगवाने के एक हफ्ते बाद 60 वर्षीय एक महिला के शरीर के कई अंगों में खून के थक्के बन गए और उसकी मौत हो गई जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया था. इसके तुरंत बाद डेनमार्क में एस्ट्राजेनेका का टीका लगवाने वाले दूसरे व्यक्ति की मौत हो गई थी. डेनमार्क के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उनके पास इस बात के सबूत नहीं हैं कि मौत का कारण टीका लगवाना था. नॉर्वे और स्वीडन ने भी एस्ट्राजेनेका के टीके के इस्तेमाल पर रोक लगाई है.

एस्ट्राजेनेका टीके के प्रयोग को 50 से अधिक देशों ने मान्यता दी
विश्व भर में एस्ट्राजेनेका टीके के प्रयोग को 50 से अधिक देशों ने मान्यता दी है, लेकिन अमेरिका में अभी इसके उपयोग की अनुमति नहीं दी गई है. अमेरिका में हुए अध्ययन में 30 हजार लोगों को शामिल किया गया, जिनमें से 20 हजार को टीका लगाया गया, जबकि बाकी को टीके की ‘डमी’ खुराक दी गई.
सभी लोगों पर असरदार है टीका


जांचकर्ताओं ने कहा कि टीका सभी उम्र के लोगों पर असरदार है, जोकि इससे पहले अन्य देशों में हुए अध्ययन में साबित नहीं हो पाया था. इस अध्ययन के प्रारंभिक नतीजे उन आंकड़ों में से एक हैं, जिन्हें एस्ट्राजेनेका द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को सौंपना है.



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इसके बाद, एफडीए की सलाहकार समिति, टीके के आपातकालीन उपयोग की अनुमति देने से पहले सार्वजनिक तौर पर साक्ष्यों पर चर्चा करेगी. हालांकि वैज्ञानिक, अमेरिका में हुए अध्ययन के पूरे नतीजे आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि यह टीका कितना प्रभावी है.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और टीके के प्रमुख जांचकर्ता एंड्र्यू पोलार्ड ने कहा, “यह नतीजे मिलना अच्छी खबर है, क्योंकि इससे टीके के प्रभाव का पता चलता है. यह ऑक्सफोर्ड के ट्रायल के नतीजे में भी समान रूप से प्रभावी दिखता है.”

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