हांगकांग निवासियों को मिला ऑस्ट्रेलिया का साथ, दे सकता है अस्थायी सुरक्षा VISA

हांगकांग निवासियों को मिला ऑस्ट्रेलिया का साथ, दे सकता है अस्थायी सुरक्षा VISA
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया हांगकांग निवासियों को अस्थायी सुरक्षा वीजा (Visa) दे सकता है जिससे वहां के शरणार्थी देश में तीन वर्षों तक रह सकेंगे.

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कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि उनकी सरकार हांगकांग (Hong Kong) के उन निवासियों को पनाह मुहैया कराने पर विचार कर रही है जिन्हें इस अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र में सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के चीन के कदम से खतरा है. मॉरिसन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका मंत्रिमंडल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की तरह के ही अवसरों को मुहैया कराने पर जल्द ही विचार करेगा जिन्होंने हांगकांग वासियों को नागरिकता की पेशकश की है. मॉरिसन ने पत्रकारों से कहा, 'जब हम इस पर अंतिम निर्णय ले लेंगे तो मैं आपको बताऊंगा. लेकिन अगर आप पूछ रहे हैं कि हम समर्थन देने की तैयारी कर रहे हैं? तो जवाब है : हां.'

ब्रिटेन ब्रिटिश राष्ट्रीय विदेशी पासपोर्ट के पात्र हांगकांग के 30 लाख निवासियों को आवासन अधिकार दे रहा है जिससे वह पांच वर्षों के लिए ब्रिटेन में रह और काम कर सकेंगे. ऑस्ट्रेलिया हांगकांग निवासियों को अस्थायी सुरक्षा वीजा दे सकता है जिससे वहां के शरणार्थी देश में तीन वर्षों तक रह सकेंगे. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने ऑस्ट्रेलिया से इस सुरक्षा कानून को 'उचित तथा वस्तुनिष्ठ' परिदृश्य में देखने का अनुरोध किया. उन्होंने बीजिंग में पत्रकारों से कहा, 'हांगकांग को आड़ बनाकर चीन के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करिए और गलत रास्ते पर चलने से बचिए.'

ब्रिटेन को दी चेतावनी
बता दें, चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के जवाब में ब्रिटेन ने हांगकांग के नागरिकों को यूके की नागरिकता देने का फैसला किया है, जिसके बाद से ही चीन बौखला गया है. द गारजियन की एक खबर के मुताबिक, चीन ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन हांगकांग के निवासियों के लिए नागरिकता का रास्‍ता खोल रहा है तो वह भी इसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है. गौरतलब है कि यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को संसद में कहा है कि हम अपने पुराने साथी के साथ नियमों और दायित्वों के लिए खड़े हैं. इस कानून के तहत 30 लाख हांगकांग निवासियों को ब्रिटेन में बसने का अवसर दिया जाएगा.
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ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र में था हांगकांग
दरअसल, साल 1997 में चीन के हाथों में सौंपे जाने के पहले हांगकांग ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र में था. उसे इस गारंटी के साथ चीन को सौंपा गया था कि हांगकांग की न्यायिक और विधायी स्वायत्तता को 50 वर्षों तक संरक्षित रखा जाएगा. चीन ने कहा था कि हांगकांग को अगले 50 सालों तक विदेश और रक्षा मामलों को छोड़कर सभी तरह की आजादी हासिल होगी. बाद में चीन ने एक समझौते के तहत इसे विशेष प्रशासनिक क्षेत्र बना दिया था.
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