ऑस्ट्रेलिया: यौन उत्पीड़न की शिकार ने मंच पर सुनाई अपनी कहानी तो होगी जेल

ऑस्ट्रेलिया: यौन उत्पीड़न की शिकार ने मंच पर सुनाई अपनी कहानी तो होगी जेल
ऑस्ट्रेलिया में यौन उत्पीड़न की शिकार सार्वजनिक मंच पर अपना नाम नहीं ले सकते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में यौन उत्पीड़न (Sexual Violence Victim) का शिकार अगर सार्वजानिक मंच पर अपना नाम उजागर करेगा तो उसे चार महीने की जेल की सजा हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 9:57 PM IST
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कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में यौन उत्पीड़न (Sexual Violence Victim) का शिकार अगर सार्वजानिक मंच पर अपना नाम उजागर करेगा तो उसे चार महीने की जेल की सजा (Jail Punishment For Four Years) हो सकती है. विक्टोरिया राज्य में पारित एक नए कानून के तहत यदि यौन उत्पीड़न के शिकार अब सार्वजनिक रूप (Victim Could not Take her name on Public Platform) से अपने वास्तविक नामों का प्रयोग करके अपने अनुभवों पर चर्चा करेंगे तो उन्हें चार महीने की जेल होने की संभावना है. इस कानून से यौन उत्पीड़न या बलात्कार के पीड़ितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों में बहुत नाराजगी है. फरवरी में ही राज्य की न्यायिक कार्यवाही रिपोर्ट अधिनियम में चुपचाप ये बदलाव किये गए थे.

क्या कहता है ये कानून....

सार्वजनिक रूप से ऐसी सूचना का प्रसार करना जिससे यौन उत्पीड़न के शिकार व्यक्ति की पहचान हो सके, अपराध की श्रेणी में गिना जाएगा. इस कानून के तहत यौन उत्पीड़न की शिकार को भी इस नियम से रियायत नहीं दी जाएगी. इसका अर्थ है कि वे मीडिया में, टेलीविजन पर, ऑनलाइन या किताब लिखकर उनके अपने अनुभवों पर चर्चा करते हुए अपना असली नाम नहीं बता सकते. अगर वे ऐसा करते हैं तो उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है. हालांकि वे एक नकली नाम का उपयोग कर अपने अनुभवों को साझा कर सकते हैं.



#LetUsSpeak अभियान के तहत नये कानून का विरोध
आलोचकों ने इस कानून को अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध मान कर #LetUsSpeak अभियान शुरू किया है और सरकार से इस कानून में बदलाव करने की मांग की गई है. इस अभियान की प्रचारक नीना फनेल ने इस कानून को पीडोफाइल और बलात्कारियों की जीत के रूप में वर्णित किया है और यौन उत्पीड़न की पीड़ितों के लिए एक बड़ा झटका बताया है जिन्हें अब अपने अनुभवों को बताने का क़ानूनी अधिकार भी नहीं है. नीना ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले राज्य विक्टोरिया में इस कानून की वजह से यौन उत्पीड़न या बलात्कार की पीड़िता अपना अनुभव तक बताने में असमर्थ हो गई हैं. नीना ने कहा कि इस कानून के कारण पीड़ित को सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए आदेश लेने अपने खर्चे पर अदालत जाना पडेगा.

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सीएनएन ने इस विषय पर टिप्पणी के लिए विक्टोरिया के न्याय विभाग और सामुदायिक सुरक्षा विभाग से संपर्क किया है. 18 वर्ष से कम आयु के यौन उत्पीड़न के शिकार ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र और न्यू साउथ वेल्स को छोड़कर पूरे ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान नहीं बता सकते.
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