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ऑस्‍ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग के लिए भारत में देर तक हुई बारिश जिम्‍मेदार!

News18Hindi
Updated: November 11, 2019, 11:45 AM IST
ऑस्‍ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग के लिए भारत में देर तक हुई बारिश जिम्‍मेदार!
एशिया में दक्षिण-पश्चिमी मानसून हर साल जून से सितंबर के बीच खत्‍म हो जाता है. इस साल भारत में अक्‍टूबर मध्‍य तक जमकर बारिश हुई है.

ऑस्‍ट्रेलिया (Australia) के न्‍यू साउथ वेल्‍स (New South Wales) के लोग इस साल जंगल में लगी आग (Bushfire) से जूझ रहे हैं. इसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग को अपने घर छोड़कर दूसरी जगहों पर शरण (Displaced) लेनी पड़ी. इस आग में 150 से ज्‍यादा घर तबाह (Destroyed) हो चुके हैं.

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  • Last Updated: November 11, 2019, 11:45 AM IST
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मेलबर्न. ऑस्‍ट्रेलिया (Australia) के न्‍यू साउथ वेल्‍स के लोग इस समय जंगलों में लगी भीषण आग (Bushfire) से जूझ रहे हैं. इसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को इलाका छोड़कर दूसरी जगहों पर शरण (Displaced) लेने को मजबूर होना पड़ रहा है. जंगलों में आग लगने के कारणों और मौसम के व्‍यवहार का अध्‍ययन करने वाले मेलबर्न विश्वविद्यालय (University of Melbourne) के विशेषज्ञ ट्रेंट पेंहमन (Trent Penhman) का दावा है कि इस आग के लिए भारत में देर तक रहा मानसून जिम्‍मेदार है.

150 से ज्‍यादा घर आग में हो चुके हैं तबाह
न्‍यू साउथ वेल्‍स (New South Wales) असमय लगी जंगल की आग से जूझ रहा है. इस आग में अब तक 150 से ज्‍यादा घर तबाह (Destroyed) हो चुके हैं. पेंहमन का कहना है कि मौसम के मामले में पूरी दुनिया एक दूसरे से जुड़ी (Linked) है. इस मामले में हम हर देश को अलग इकाई नहीं मान सकते. हालांकि, आप किसी एक इलाके में बैठकर यह सोच भी नहीं सकते कि 10,000 किमी दूर किसी देश का मौसम आपके क्षेत्र में तबाही मचाने वाला है.

पूर्वी तटीय इलाके सूख रहने से बढ़ गया खतरा

ट्रेंट ने कहा कि भारत (India) में अक्‍टूबर के मध्‍य तक मूसलाधार बारिश (Heavy rainfall) होती रही, जबकि एशिया में दक्षिण-पश्चिमी मानसून (South-West Monsoon) हर साल जून से सितंबर के बीच खत्‍म हो जाता है. इसके बाद मानसून दक्षिण (South) की ओर बढ़ना शुरू कर देता है. भारत में देर तक बरसे बादलों के कारण डारविन (Darwin) में बारिश होने में बहुत देर हो रही है. इसके कारण पूर्वी तटीय इलाके (Eastern Coast) सूखे रह गए. इस कारण यहां के जंगलों में आग का खतरा (Bushfire-Prone) बढ़ गया.

फायर डेंजर रेटिंग के 10 साल के इतिहास में पहली बार ऑस्‍ट्रेलिया के सिडनी, ब्‍लू माउंटेन और मध्‍य तटीय इलाकों में आग की चेतावनी जारी की गई है.


बर्बाद हो चुकी है 8.5 लाख हेक्‍टेयर जमीन
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भारत में देर से खत्‍म हुए मानसून के कारण पूर्वी तटीय इलाकों में बारिश हुई ही नहीं, जो अमूमन अब तक शुरू हो जाती है. इस कारण इलाके में गर्मी बढ़ गई और तेज हवाओं के कारण मौसम सूखा (Dry Weather) हो गया है. पेंहमन ने कहा कि ये सभी परिस्थितियां जंगलों में भीषण आग के लिए मुफीद हैं. इस समय इन्‍हीं कारणों से न्‍यू साउथ वेल्‍स जंगल की आग से जूझ रहा है. उनके मुताबिक, इस साल शुरू हुई जंगल की आग में अब तक न्‍यू साउथ वेल्‍स की 8,50,000 हेक्‍टेयर जमीन (Land) बर्बाद हो चुकी है.

अभी और बढ़ सकती है जंगलों में लगी आग
ऑस्‍ट्रेलिया में सोमवार को आपात (Emergency) स्थिति घोषित कर दी गई है. अधिकारी स्‍थानीय लोगों को आग संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस बार जंगलों में अब तक की सबसे भीषण आग लगी है. फायर डेंजर रेटिंग (Fire Danger Ratings) के 10 साल के इतिहास में पहली बार सिडनी, ब्‍लसू माउंटेन और मध्‍य तटीय इलाकों में चेतावनी जारी की गई है. रीजनल फायर सर्विसेज (Regional Fire Services) के एंथनी क्‍लार्क ने चेतावनी जारी की है कि ये आग और भीषण हो सकती है.

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First published: November 11, 2019, 11:45 AM IST
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