अजरबैजान और आर्मेनिया संघर्ष विराम के लिए तैयार, एक सप्ताह पहले भी हुआ था समझौता

आर्मीनिया और अजरबैजान  संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं. Photo:AP
आर्मीनिया और अजरबैजान संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं. Photo:AP

अजरबैजान (Ajerbaijan) और अर्मेनिया (Armenia) ने शनिवार को नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) को लेकर चल रहे संघर्ष पर "मानवीय संघर्ष विराम" (Ceasefire) के लिए सहमति व्यक्त की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 10:17 AM IST
  • Share this:
बाकू. अजरबैजान (Ajerbaijan) और अर्मेनिया (Armenia) ने शनिवार को नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) को लेकर चल रहे संघर्ष पर "मानवीय संघर्ष विराम" (Ceasefire) के लिए सहमति व्यक्त की है. रूस की पहल पर एक सप्ताह पहले भी दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की सहमति बनी थी. दोनों देशों को युद्ध में मारे गए सैनिकों और गिरफ्तार हुए सैनिकों और आम नागरिकों की अदला बदली करनी थी. हालांकि इस विराम की सहमति के बावजूद दोनों देश युद्धरत रहे. अब नया समझौते के अनुसार स्थानीय समय के अनुसार मध्यरात्रि में विराम संघर्ष पर विराम लगाने की सहमति बनी है.

नार्गोनो-करबाख में आर्मेनियाई आबादी ज्यादा

सोवियत संघ के पतन के विवाद की तारीखें और जब नागोर्नो-करबाख ने अजरबैजान से स्वतंत्रता की घोषणा की तब एक हिंसक संघर्ष ने झकझोर रख दिया. यह संघर्ष 1994 में समाप्त हो गया था. आर्मेनिया ने नागोर्नो करबाख का समर्थन किया, जिसने एक वास्तविक स्वतंत्रता की स्थापना की. हालांकि, इसे दुनिया के अधिकांश देशों ने मान्यता नहीं दी. नागोर्नो-करबाख क्षेत्र अज़रबैजान सीमा के अंदर है लेकिन यहां आर्मेनियाई लोगों की आबादी है. इस इलाके में आर्मेनियाई लोगों का दबदबा है. अर्मेनिया ने कहा है कि करबाख और अजरबैजान के बीच वर्तमान समय में संघर्ष भड़का हुआ है.



स्थानीय नेताओं ने संघर्ष विराम का किया स्वागत
रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को अज़रबैजान और अर्मेनियाई विदेश मंत्री से फोन पर बात की और संघर्ष विराम की आवश्यकता पर जोर दिया. संघर्ष वाले क्षेत्र के नेता अराईक हरुतुयन ने नए शांति प्रयास का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा, "रिपब्लिक ऑफ आर्ट्साख ने शनिवार को मास्को द्वारा किए गए युद्धविराम समझौतों के अनुसार, पारस्परिक आधार पर मानवीय आधार का निरीक्षण करने की तत्परता की पुष्टि की." आर्मेनियाई नागरिक नार्गोनो-काराबाख क्षेत्र को आर्ट्साख बुलाते हैं.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश 28 अक्टूबर से भारत के लिए शुरू करेगा हवाई सेवा, 8 महीने से बंद थी 

सबसे खराब कैंडिडेट बाइडेन से हारने के बाद तो मुझे देश ही छोड़ना पड़ेगा: ट्रंप

इस संघर्ष विराम से पहले अजरबैजान ने अर्मेनिया पर रॉकेट हमलों का आरोप लगाया था. अजरबैजान ने कहा था कि उसके दूसरे शहर गांजा पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया जिसमें 13 नागरिक मारे गए और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज