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    अजरबैजान के सैनिकों ने आर्मेनियाई सिपाहियों को बंदी बनाकर मारी गोली, होगी जांच

    Armenia-Azerbaijan War (फोटो सौ. AP)
    Armenia-Azerbaijan War (फोटो सौ. AP)

    Armenia-Azerbaijan War: अज़रबैजान के सैनिकों ने दो अर्मेनियाई सिपाहियों को बंदी (War Prisoner) बना लिया है. अजरबैजान के सैनिकों ने युद्ध बंदियों का पीछे हाथ बांधकर गोली मारकर जान ले ली. इसकी जांच दी काउंसिल ऑफ़ यूरोप करेगा.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 24, 2020, 3:18 PM IST
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    बाकू. अजरबैजान और आर्मेनिया (Armenia-Azerbaijan War) के बीच नागोर्नो-करबाख के विवादित क्षेत्र के आसपास चल रहे युद्ध से जुड़े एक अपराध का वीडियो सामने आया है. एक मैसेजिंग ऐप पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाया गया है कि अज़रबैजान के सैनिकों ने दो अर्मेनियाई सिपाहियों को बंदी (War Prisoner) बना लिया है. एक दूसरे वीडियो में पीछे हाथ बांधे उन्हीं अर्मेनियाई सिपाहियों को गोली मारते दिखाया गया है. आर्मेनियाई अधिकारियों ने इन दोनों की पहचान 73 वर्षीय बेनिक हकोबयान और 25 वर्षीय यूरी एडम्यान के रूप में की है. अजरबैजान ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है.

    मानवाधिकार हनन की जांच की जाएगी: दी काउंसिल ऑफ़ यूरोप

    यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार निगरानी समिति 'दी काउंसिल ऑफ़ यूरोप' ने कहा है कि उसे ये वीडियो मिल गए हैं और वह इस मामले में मानवाधिकार हनन की जांच करेगी. 27 सितंबर को काकेशस एन्क्लेव के आसपास लड़ाई शुरू हुई थी जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अजरबैजान के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है लेकिन जो अभी लेकिन अर्मेनियाई नियंत्रण में है.



    युद्ध के कैदियों को पहुंचाया गया नुकसान
    बीबीसी ने सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों द्वारा प्रसारित कई वीडियो का अध्ययन किया है, जिनमें कथित तौर पर युद्ध के कैदियों को नुकसान पहुंचाया गया या मार डाला गया. केवल इन दो वीडियो को प्रमाण योग्य माना गया. बीबीसी द्वारा सत्यापित दोनों वीडियो पिछले सप्ताह टेलीग्राम मैसेंजर पर एक अनाम रूसी भाषा के प्रो-अज़रबैजान चैनल पर पोस्ट किया गया था.

    कैदियों को दिया जा रहा है आदेश

    पहले वीडियो में आर्मेनियाई बेनिक हकोबयान और यूरी एडमैन को कैदी के रूप में दिखाया गया है. इस वीडियो में एक व्यक्ति जो कि एक भारी अजरबैजान लहजे के साथ रूसी बोल रहा है इन दोनों कैदियों को आगे की ओर चलने का आदेश देता है, अपने हथियारों को आत्मसमर्पण करने को कहता है. वह अन्य सैनिकों से अजरबैजान की भाषा में बात करता है और उन्हें बंदियों को न मारने के लिए कहता है. युवा कैदी यूरी अडम्यान अपने हाथों को हवा में रखने से पहले एक हेलमेट और अपनी जैकेट निकालता है.

    कैदियों की हत्या का भी मिला प्रमाण

    दोनों बंदियों में से बूढ़ा बेनिक हकोबयान मिलिट्री स्टाइल की जैकेट पहने हुए हैं. वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि वह एक सैनिक है या नहीं. उसे जमीन पर धकेल दिया जाता है और बेनिक दर्द से कराहता हुआ दिखाई देता है. दूसरे वीडियो में दोनों कैदियों की हत्या दिखाई गई है. दोनों कैदी अपने हाथों को पीछे बांधे हुए दिखाई दे रहे हैं और आर्मीनिया के झंडे और गैर-मान्यता प्राप्त नागोर्नो-करबाख के गणराज्य के झंडों में लिपटे दिखाई दे रहे हैं. वे एक छोटी दीवार पर बैठे हैं और उन्हें थोड़ा हिलते हुए देखा जा सकता है. तभी तब किसी ने अज़रबैजान में आदेश दिया कि "उनके सिर पर निशाना लगाओ." गोली चलने की कई आवाजें सुनाई देती हैं और दोनों कैदी जमीन पर गिर जाते हैं.

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    बीबीसी ने पुष्टि की है कि दोनों वीडियो में कमांड देने वाला व्यक्ति एक स्थानीय अज़रबैजान वक्ता है जिसका उच्चारण क्षेत्रीय है. पहले वीडियो के कैदी भी दूसरे वीडियो में मारे जाने वाले कैदी ही है और इस वीडियो में भी वे वही कपड़े पहने दिख दे रहे हैं. अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने यह मानने से इनकार कर दिया कि ये उनके सैनिक थे और इस वीडियो को भड़काने वाला करार दिया. कुछ ही समय बाद इन क्लिप को डिलीट कर दिया गया. बीबीसी ने इन वीडियो का अध्ययन कर पुष्टि की है कि इन्हें हैड्रट में फिल्माया गया है. यह एक ऐसा शहर है जिसमें भयंकर लड़ाई देखी गई है. यह दक्षिणी नागोर्नो-करबाख में, फुजूली के पास है.
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