कश्मीर मसले के बाद असम में NRC पर भी भारत की दो टूक, आंतरिक मसले में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Minister of External Affairs S Jaishankar) ने अपने बांग्लादेश दौरे (Bangladesh Visit) के दौरान कहा है कि असम (Assam) में NRC दस्तावेज तैयार करने और अवैध प्रवासियों की पहचान की प्रक्रिया भारत का आंतरिक मामला है.

भाषा
Updated: August 20, 2019, 10:29 PM IST
कश्मीर मसले के बाद असम में NRC पर भी भारत की दो टूक, आंतरिक मसले में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
एस जयशंकर ने बांग्लादेश यात्रा के दौरान साफ किया है कि असम में NRC भारत का आंतरिक मसला है (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: August 20, 2019, 10:29 PM IST
पूर्वोत्तर (North-East) में बांग्लादेश (Bangladesh) से अवैध प्रवासियों के आने पर भारत द्वारा चिंता प्रकट करने के कुछ दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Minister of External Affairs S Jaishankar) ने कहा है कि असम (Assam) में NRC दस्तावेज तैयार करने और अवैध प्रवासियों की पहचान की प्रक्रिया भारत का आंतरिक मामला है.

बांग्लादेश के अपने समकक्ष ए.के. अब्दुल मोमेन से मुलाकात और द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यह टिप्पणी की. जयशंकर बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. विदेश मंत्री बनने के बाद जयशंकर की यह पहली बांग्लादेश यात्रा है.

भारत का आंतरिक मामला है NRC
द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेशी समकक्ष के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई. ‘बीडीन्यूज’ के मुताबिक, मोमेन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने कहा कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) तैयार करने की प्रक्रिया भारत का ‘आंतरिक मामला’ है.

गृह मंत्री अमित शाह ने इस महीने के आरंभ में पूर्वोत्तर में बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों के आने को लेकर बांग्लादेश से भारत की चिंता प्रकट की थी. नई दिल्ली में भारत-बांग्लादेश के गृह मंत्री स्तरीय वार्ता (HMLT) की सातवीं बैठक में बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान के समक्ष मुद्दा उठाया गया था.

असम में NRC की अंतिम सूची 31 अगस्त को प्रकाशित होने के पहले जयशंकर की यह टिप्पणी आयी है. जयशंकर ने कहा कि लंबित तीस्ता जल समझौते के लिए भारत का रुख और प्रतिबद्धता पहले की तरह है.

रोहिंग्या लोगों की म्यांमार में सुरक्षित वापसी पर भी हुई चर्चा
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उन्होंने रोहिंग्या मुद्दे पर भी चर्चा की और म्यांमार (Myanmar) में उनकी जल्द सुरक्षित वापसी के लिए सहमति जतायी. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी मार्गों पर संपर्क बढ़ा है और ‘‘हम इस भागीदारी को बढ़ाना चाहेंगे.’’

ऊर्जा सहयोग पर उन्होंने कहा कि एक दूसरे की सफलता में दोनों देशों की हिस्सेदारी है. जयशंकर ने कहा कि भारत ढाका (Dhaka) में सबसे बड़ी वाणिज्य दूतावास सेवा का संचालन करता है और हम इसे सुगम बनाना चाहते हैं.

दक्षिण एशिया के लिए रोल मॉडल बनेंगे भारत-बांग्लादेश संबंध
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘बांग्लादेश के साथ हमारी भागीदारी हमेशा ऐसी रही है जो मिसाल है कि पड़ोसी साथ मिलकर क्या कर सकते हैं.’’ जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दक्षिण एशिया में इस भागीदारी को ‘‘रोल मॉडल’’ की तरह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.

मोमेन ने कहा कि वह बहुत उत्साहित हैं क्योंकि जयशंकर के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई. बिना किसी मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम कमोबेश सभी मुद्दों पर सहमत हुए.’’ इससे पहले, जयशंकर ने ‘बंगबंधु स्मारक संग्रहालय’ में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान (Sheikh Mujibur Rahman) को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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First published: August 20, 2019, 9:55 PM IST
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