News18 Exclusive: सीमा पर क्राइम रोकने के लिए बांग्लादेश ने शुरू किया 'आलोकितो सीमांतो' मिशन

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की मदद से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में सिलाई की ट्रेनिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग, फिशिंग और सबसे अहम काऊ मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 5:32 PM IST
News18 Exclusive: सीमा पर क्राइम रोकने के लिए बांग्लादेश ने शुरू किया 'आलोकितो सीमांतो' मिशन
बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा में रह रहे लोगों के लिए कर रहा है खास काम.
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 5:32 PM IST
गौ-तस्करी, नशीले पदार्थ का व्यापार, मानव तस्करी ऐसे प्रमुख अपराध हैं जो भारत-बांग्लादेश सीमा पर हैं. दोनों देशों के सुरक्षाबलों के सामने यही चुनौती रहती है कि बिना हथियार का इस्तेमाल किए 4000 किलोमीटर से भी ज्यादा सीमा पर इनको कैसे रोकें. अलग-अलग अपराध का मुकाबला करने के लिए अलग-अलग तरीका है जिसमें ज्वाइंट बॉर्डर पेट्रोलिंग, सीसीटीवी कैमरों का लगवाना, लाइट, फेंसिंग और इंटेलिजेंस कलेक्शन प्रमुख है. इन सबके अलावा युवाओं को कैसे सीमावर्ती इलाकों में अपराध में शामिल होने से रोका जाए उसके लिए उनको आधुनिक शिक्षा देने का मुद्दा भी प्रमुख है. भारत में बीएसएफ यानि बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स लगातार युवा लड़कों और लड़कियों को ऐसी ट्रेनिंग पिछले कई सालों से दे रहा है और अब सीमा पार बांग्लादेश में भी युवाओं को आधुनिक तालीम देने के ऐसे कार्यक्रम की शुरुआत की है बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने. बांग्लादेश में इस कार्यक्रम का नाम दिया गया है 'आलोकितो सीमांतो' यानि सीमाओं में प्रकाश फैलाना.

किसको फायदा मिल रहा है इस कार्यक्रम से

न्यूज़18 इंडिया ने ऐसे ही एक कार्यक्रम का जायजा लिया. फरजाना जो कि बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाके मोलानी में रहती है उसको पिछले एक साल से कंप्यूटर ट्रेनिंग मिल रही है और अब सर्टिफिकेट मिलने के बाद वो जल्द ही नौकरी का आवेदन भी करेगी. जबकि शाकिब का कहना है कि कंप्यूटर ट्रेनिंग डिप्लोमा मिलने के बाद अपने अन्य परिवारवालों से कहेगा कि वो भी जल्द ही इसकी ट्रेनिंग लें. फरजाना और शाकिब जैसे 60 युवाओं को हर साल डिप्लोमा ट्रेनिंग बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश द्वारा दिलवाई जाती है जिसके बाद वो मार्केट में नौकरी के आवेदन के लिए तैयार हो जाते हैं.

बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा में रह रहे लोगों की जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए कई कार्यक्रम पिछले कई सालों से चला रहा है.


कैसे काम करता है ये कार्यक्रम

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की मदद से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में सिलाई की ट्रेनिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग, फिशिंग और सबसे अहम काउ मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है. गो तस्करी इस इलाके में अहम समस्या है. भारत में गोवंश का कारोबार अपराध है जबकि बांग्लादेश में ये मुख्य कारोबार में से एक है. भारत के जरिए गौ तस्करी न हो इसके लिए ये ट्रेनिंग बीजीबी द्वारा युवाओं को दी जा रही है. आलोकीतो सीमांतो कार्यक्रम में सिर्फ सीमा पर ही रहने वाले युवा लड़कों और लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाती है ताकि उनका सशक्तिकरण हो.

बीएसएफ की तर्ज पर बीजीबी ने शुरू किया ये कार्यक्रम
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बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा में रह रहे लोगों की जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए कई कार्यक्रम पिछले कई सालों से चला रहा है. इसमें सीमावर्ती किसानों को बेहतर तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण, जरूरतमंद छात्रों को कोचिंग, रोजगार के लिए शिक्षा और मेडिकल सहायता जरूरत पड़ने पर प्रमुख हैं. ऐसे में जब सीमा के उस पार भी ऐसे ही कार्यक्रम शुरू किए गए हैं तो ये उम्मीद की जानी चाहिए कि युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा और अपराध को रोकने में काम कर रही एजेंसियों की भी हर संभव वो मदद करेंगे.

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First published: July 17, 2019, 5:14 PM IST
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