भारत-बांग्लादेश दोस्ती की अहम कड़ी है ये ऐतिहासिक मस्जिद

चौदहवीं सदी में बनाई गई ऐतिहासिक सोना मस्जिद का रखरखाव बांग्लादेश करता है. यहां 2 सैन्य अफसरों की मज़ार भी है, जिन्होंने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी. मालदा के लोगों की आस्था इस मस्जिद से जुड़ी हुई है.

अमित पांडेय
Updated: July 16, 2019, 2:08 PM IST
भारत-बांग्लादेश दोस्ती की अहम कड़ी है ये ऐतिहासिक मस्जिद
14वीं शताब्दी में बनाई गई थी ऐतिहासिक सोना मस्जिद
अमित पांडेय
अमित पांडेय
Updated: July 16, 2019, 2:08 PM IST
बांग्लादेश में न्यूज़ 18 के सफर का अगला पड़ाव है ऐतिहासिक सोना मस्जिद. चौदहवीं सदी में बनाई गई इस ऐतिहासिक मस्जिद का रखरखाव बांग्लादेश सरकार की निगरानी में होता है. बांग्लादेश ने यहां अपने 2 सैन्य अफसरों की मज़ार भी बना रखी है, जिन्होंने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी. ये जगह पश्चिम बंगाल के मालदा से महज़ एक किलोमीटर की दूरी पर है, और मालदा के लोगों की आस्था इस मस्जिद से जुड़ी है. बीएसएफ (भारत) और बीजीबी (बांग्लादेश) दोनों मिलकर इस सफर को आसान बनाते हैं. ऐतिहासिक सोना मस्जिद भारत-बांग्लादेश में अटूट दोस्ती की अहम कड़ी है.

सोना मस्जिद का इतिहास
सुल्तान हुसैन शाह ने अपनी पत्नी सोना की याद में इस मस्जिद को सन 1493 से 1519 में बनवाया था. पहले इसे छोटा सोना मस्जिद भी कहा जाता था. करीब 45 मीटर इलाके में बनी इस मस्जिद को बनाने में पत्थर और पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया था. पुरातत्व महत्व की ये इमारत उस वक्त की गवाह भी है जब बंगाल का ये पूरा इलाका एक हुआ करता था.

malda के लोगों की आस्था इस मस्जिद से जुड़ी है
मालदा के लोगों की आस्था इस मस्जिद से जुड़ी है


बांग्लादेश सरकार ने बढ़ाया इस इमारत का महत्व
बांग्लादेश सरकार बेहतर तरीके से इस इमारत की देखभाल करती है. बांग्लादेश सरकार ने 1971 बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में शहीद हुए सेना के दो अधिकारियों कैप्टन मेहियुद्दीन जहांगीर और मेजर नजमुल की मजार भी यहां बना रखी है. आस्था, ऐतिहासिक महत्व और देशप्रेम के एक साथ होने की वजह से ये जगह यहां आने वाले लोगों के लिए और खास हो जाती है.

बीएसएफ के लिए क्यों खास है ये जगह
Loading...

ये मस्जिद भारतीय सीमा के मालदा जिले में पड़नेवाली बीएसएफ पोस्ट के लिए काफी अहम है. मालदा के लोगों की आस्था इस धार्मिक स्थल के प्रति गहरी है इसलिए बीएसएफ हमेशा ये सुनिश्चित करता है कि जो लोग इस जगह आ रहे हैं उनके पास पूरे कागजात हों और वो किसी गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त न हों.

ये भी पढ़ें -

बड़ा हादसा: मुंबई में 4 मंजिला इमारत गिरी, 50 से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका
#FullProof: कसरत करते-करते क्यों चली जा रही है लोगों की जान?
First published: July 16, 2019, 2:06 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...