बाढ़, बारिश से आफत, पश्चिम बंगाल जैसे ही हैं बांग्लादेश के हालात

बांग्लादेश में बाढ के हालात
बांग्लादेश में बाढ के हालात

तीस्ता का पानी सिलिगुड़ी की तरह बांग्लादेश के रंगपुर के लिए भी आफत है. वहां तीस्ता का पानी पिछले 4 दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, लोग बचाव एजेंसियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं

  • Last Updated: July 15, 2019, 6:08 PM IST
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लगातार हो रही बरसात से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों की ही तरह पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी कई नदियां उफान पर हैं. वहां भी बाढ़ जैसे हालात हैं. तीस्ता का पानी सिलिगुड़ी की तरह बांग्लादेश के रंगपुर के लिए भी खतरे की घंटी है. वहां तीस्ता का पानी पिछले 4 दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. न्यूज18 इंडिया इन दिनों बांग्लादेश में है, हमने वहां बारिश और बाढ़ से परेशान लोगों के हालात जानने की कोशिश की.

लगातार बारिश से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाढ़ के हालात
बांग्लादेश के लालमोनी हाट जिले में तीस्ता नदी के किनारे न्यूज18 इंडिया ने वहां के लोगों से बात कर हालात जानने की कोशिश की. वहां बारिश के जो हालात हैं उससे तीस्ता समेत सारी नदियां उफान पर हैं. स्थानीय निवासी बचाव एजेंसियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं. लगातार बारिश से भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के फुलबारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट तथा आईबी यानी इंटरनेशनल बार्डर पर पानी भरा हुआ है. जीरो प्वाइंट पर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. बंग्लाबंध इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर भी ऐसे ही हालात हैं.

बांग्लादेश में बाढ, Flood situation in bangladesh
बांग्लादेश में तेज बारिश से सीमावर्ती इलाकों में पानी भरा

घुसपैठ रोकने के साथ बाढ़ प्रभावितों की मदद भी


इतनी बारिश के बावजूद सीमा पर बीएसएफ के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं और अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. इनकी जिम्मेदारी अवैध घुसपैठ तो रोकने की है ही साथ ही बाढ़ जैसे मुसीबत के हालात में ये अपना मानवीय चेहरा दिखाते हुए दोनों देशों के स्थानीय नागरिकों की मदद भी करते हैं

तीस्ता नदी समझौते की आस
ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहयोगी नदियां भारत से बहकर बांग्लादेश में जाती हैं जिसमें डिमडिमा, दोरसा, कालजनी और लिश नदियां हैं जिनका पानी लोगों के लिए मुसीबत बनता है. जहां तक दो बड़ी नदियों का सवाल है भारत-बांग्लादेश के बीच पानी के बंटवारे को लेकर गंगा नदी का समझौता हो गया है जबकि तीस्ता नदी का समझौता होना अब भी बाकी है. दोनों देशों के लोगों को उम्मीद है कि ये समझौता भी जल्द ही हो जाए ताकि बांग्लादेश के लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से पानी मिल सके और बाढ़ से ज्यादा नुकसान न उठाना पड़े

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