भारत-बांग्‍लादेश की दोस्ती की 'मिसाल' है तीन बीघा कॉरिडोर, जानिए क्‍यों?

भारत की ओर से बीएसएफ के जवान और बांग्लादेश की ओर से बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवान बराबर यहां पर मौजूद रहते हैं.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 7:29 PM IST
भारत-बांग्‍लादेश की दोस्ती की 'मिसाल' है तीन बीघा कॉरिडोर, जानिए क्‍यों?
तीन बीघा कॉरिडोर: दोनों देशों के नागरिक हैं खासे सुरक्षित.
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 7:29 PM IST
बांग्‍लादेश में भारत-बांग्‍लादेश सीमा पर न्यूज़ 18 इंडिया का सफर जारी है. जबकि हमारा अगला पड़ाव था पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले की सीमा पर पड़ने वाला तीन बीघा कॉरिडोर. बांग्‍लादेश की इस सीमा पर पहुंचने वाला न्यूज़ 18 इंडिया भारत के चुनिंदा चैनलों में से एक है. यकीनन यहां पहुंचते ही एहसास हो जाता है कि अगर दो देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हों तो उनकी सीमा पर रहने वाले लोगों की जिंदगी कितनी महफूज और अच्छी हो जाती है. इस इलाके में बांग्‍लादेश में रहने वाले करीब चार हजार नागरिकों के लिए भारत कम से कम ऐसा ही कर रहा है.

ऐसा है तीन बीघा इलाका
दरअसल, तीन बीघा इलाका भारतीय सीमा में पड़ता है, लेकिन उसके दोनों और बांग्‍लादेश के दोहोग्राम और अंगपोता इलाके पड़ते हैं. इनका कुल एरिया 18 किलोमीटर का है, जिनको तीन बीघा कॉरीडोर जोड़ता है. इस इलाके का नाम तीन बीघा इसलिए पड़ा, क्योंकि ये क्षेत्रफल इतना ही बड़ा है. भारत- बांग्‍लादेश के इन दोनों इलाकों के बीच जब लोगों को आवाजाही करनी पड़ती थी तो वो दूसरे रास्ते से अपना सफर तय करते थे जो कि बहुत लंबा था. फिर 2011 में भारत-बांग्‍लादेश के बीच समझौता हुआ और भारत सरकार की ओर से ये जमीन पड़ोसी देश को 99 साल की लीज पर दे दी गई. अब बंग्लादेश नागरिक इन दोनों इलाकों के आसानी से आवाजाही करते हैं. सच कहा जाए तो जो स्थानीय निवासी एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं उनके लिए ये कॉरीडोर जीवन का हिस्सा बन गया है.

ये कहना है लोगों का

राशिल को अपनी चाची को इलाज के लिए अंगपोता ले जाना है. वह तुरंत दोहोग्राम से चेकपोस्ट पार कर वहां पहुंच जाता है और जब न्यूज़ 18 इंडिया की टीम उससे बात करती है तो वो भारत के इस योगदान के लिए धन्यवाद करता है. यही हाल राशिद और मोइन का भी है. दोनों दोस्त अपने रिश्तेदार की शादी में जा रहे हैं और भारत द्वारा दिए गए इस रास्ते का वो तहेदिल से शुक्रगुज़ार हैं.

बीएसएफ कमांडेंट सुब्रत राय संभालते हैं खास जिम्‍मेदारी.


कैसा नजारा होता है तीन बीघा कॉरीडोर पर
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बीएसएफ कमांडेंट सुब्रत राय जो 45 बीएसएफ बटालियन के कमांडेंट हैं और जिनके अंतर्गत तीन बीघा बॉर्डर आउटपोस्ट है वो समय-समय पर बांग्‍लादेश बार्डर गार्ड के डिप्‍टी डायरेक्टर जनरल कर्नल फुआद से बैठक कर तीन बीघा इलाके की सुरक्षा व्यवस्था का मुआयना करते हैं. दोनों देश की फोर्स से यह बात सुनिश्चित की जाती है कि स्थानीय नागरिक की जो आवाजाही है वह सुचारू रूप से हो और उन्हें दिक्कत ना हो. बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवान अगर चेकपोस्ट पर मौजूद रहते हैं तो बीएसएफ के जवानों की चौकी इस जमीन के एक और रहती है.

आगे क्या है योजना?
भारत की ओर से बीएसएफ के जवान और बांग्लादेश की ओर से बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवान बराबर यहां पर मौजूद रहते हैं. स्थानीय नागरिकों के अलावा दोनों देशों के मुख्य शहर भारत में सिलीगुड़ी और बांग्लादेश में ढाका तक से लोग यहां पर अब बतौर पर्यटक आने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अगर इस तरीके से लोगों का आना जारी रहा तो आगे इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में भी बनाने पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल दोनों देशों की ओर से प्राथमिकता यही है कि लोगों की सुरक्षा हो और आवाजाही सुचारू रूप से चले. यकीनन ये रास्ता पूरी दुनिया के लिए यूं ही मिसाल बना रहे.

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First published: July 15, 2019, 7:17 PM IST
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