डायना साक्षात्कार कांड के बाद संपादकीय नीतियों की समीक्षा करेगा बीबीसी

प्रिंसेस डायना ने 1995 में बीबीसी के जर्नलिस्ट मार्टिन बशीर को एक खास इंटरव्यू दिया था, जिसे स्कूप ऑफ सेंचुरी भी कहा गया, इसी इंटरव्यू को लेकर बीबीसी विवादों में है. फाइल फोटो

प्रिंसेस डायना ने 1995 में बीबीसी के जर्नलिस्ट मार्टिन बशीर को एक खास इंटरव्यू दिया था, जिसे स्कूप ऑफ सेंचुरी भी कहा गया, इसी इंटरव्यू को लेकर बीबीसी विवादों में है. फाइल फोटो

BBC will review its editorial policy: आधिकारिक बयान में बीबीसी बोर्ड ने असफलता स्वीकार करते हुए कहा कि ‘‘दर्शकों को बेहतर की आशा करने का अधिकार है.’’

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लंदन. बीबीसी ने 1995 के प्रिंसेस ऑफ वेल्स डायना के साक्षात्कार की स्वतंत्र जांच पूरी होने के बाद सोमवार को अपनी संपादकीय नीतियों की समीक्षा करने की घोषणा की. पिछले सप्ताह पूरी हुई जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया था कि मीडिया हाउस ने ‘‘ईमानदारी और पारदर्शिता के उच्चस्तर का पालन नहीं किया.’’

लॉर्ड जॉन डायसन ने अपनी जांच में यह निष्कर्ष दिया है कि हाल ही में बीबीसी छोड़ने वाले पत्रकार मार्टिन बशीर ने 25 साल पहले एक्सक्लूसिव पाने के लिए ‘‘कपटपूर्ण व्यवहार’’ का सहारा लिया और एक साल बाद बीबीसी द्वारा की गई आंतरिक जांच ने इसकी लीपापोती कर दी.

आधिकारिक बयान में बीबीसी बोर्ड ने असफलता स्वीकार करते हुए कहा कि ‘‘दर्शकों को बेहतर की आशा करने का अधिकार है.’’ बयान के अनुसार, ‘‘बोर्ड होने के नाते हमारा मानना है कि आज बीबीसी बेहतर संगठन है, जो पहले से अलग है, जिसका प्रशासन मजबूत है और उसकी प्रक्रिया भी बेहतर हुई है.’’

उसमें कहा गया है, ‘‘लेकिन, लॉर्ड डायसन की रिपोर्ट ऐतिहासिक गलतियों की ओर इंगित कर रही है और उनपर आत्ममंथन की आवश्यकता है. हमें बस यह नहीं मान लेना चाहिए की अतीत की गलतियां फिर से दुहराई नहीं जायेंगी, हमें इसे सुनिश्चित करना होगा कि गलतियों का दुहराव ना हो.’’
बयान में कहा गया है, ‘‘जैसे कि, हमें लगता है कि यह उचित होगा अगर बीबीसी की संपादकीय नीति और प्रशासन और उसके प्रभाव का विस्तृत तरीके से समीक्षा हो.’’ यह समीक्षा गैर-एक्जीक्यूटिव बोर्ड डायरेक्टर करेंगे और इस समूह की अध्यक्षता बीबीसी के वरिष्ठ स्वतंत्र डायरेक्टर सर निक सेरोटा करेंगे.

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