हुवावे-TikTok बैन पर चीन की धमकी- पूरी दुनिया को नुकसान भुगतना होगा

हुवावे-TikTok बैन पर चीन की धमकी- पूरी दुनिया को नुकसान भुगतना होगा
चीन ने हुवावे बैन के बाद दी कड़ी प्रतिक्रिया

चीनी (China) सरकार ने अमेरिका (US) पर निशाना साधते हुआ कहा है कि वह अपने देश की कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी और जो देश झूठी अफवाहें फैला रहें हैं उन्हें भी सबक सिखाएगी.

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बीजिंग. हुवावे (Huawei Ban) और टिकटॉक (TikTok) जैसी चीनी कंपनियों के खिलाफ दुनिया के कई देशों में हो रही कार्रवाई पर चीन (China) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चीनी सरकार ने अमेरिका (US) पर निशाना साधते हुआ कहा है कि वह अपने देश की कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी और जो देश झूठी अफवाहें फैला रहें हैं उन्हें भी सबक सिखाएगी. चीन ने कहा कि ब्रिटेन (Britain), अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया (Australia) और भारत (India) ने ये जो सिलसिला शुरू किया है इसका नतीजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है.

दरअसल ब्रिटेन के हुवावे को 5G प्रोजेक्ट से बैन करने के बाद अब अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन की कंपनियां अगर शिनजियांग के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की प्रताड़ना करने में मदद करती है, तो उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर अत्यधिक तनाव बना हुआ है. चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका सरकार पर चीन के मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और कहा कि वाशिंगटन 'चीन की कंपनियों के दमन' के लिए मानवाधिकार की शिकायतों का इस्तेमाल कर रहा है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'यह चीन के लिए हानिकारक है, अमेरिका के लिए हानिकारक है और पूरी दुनिया के लिए हानिकारक है.'


अमेरिका अपनी हरक़तों पर लगाम लगाएचीन ने कहा, 'चीन बहुत मजबूती के साथ अमेरिका से कहना चाहता है कि वह अपनी खराब हरकतें बंद करे.' मंत्रालय ने बयान में कहा, 'चीनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए चीन आवश्यक कदम उठाएगा.' अमेरिका ने एक जुलाई को चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि जो कंपनियां जबरन मजदूरी में धकेले गए लोगों द्वारा बनाए सामान रखती है या ऐसी प्रौद्योगिकी देती है जिसका इस्तेमाल श्रमिक शिविरों में होता हो या फिर निगरानी के लिए होता है, उन्हें 'आर्थिक, कानूनी तथा साख संबंधी' अनिर्दिष्ट जोखिम उठाना पड़ सकता है. चीन ने मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के 10 लाख या इससे भी अधिक लोगों को नजरबंदी शिविरों में हिरासत में रखा है. सरकार इन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बताती है.




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टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाकर चीन से बड़ा हथियार छीना

उधर व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत जैसे देशों द्वारा टिकटॉक जैसी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाना चीन के निगरानी के काम से एक बड़ा हथियार छीनने के समान है. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने फॉक्स न्यूज रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ट्रंप प्रशासन चीनी ऐप टिकटॉक, वीचैट और कुछ अन्य पर 'बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है.' उन्होंने टिकटॉक जैसे ऐप से पैदा हो रहे खतरे पर एक सवाल के जवाब में कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं भारत ने पहले ही उन ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. अगर भारत और अमेरिका में इन ऐप के इस्तेमाल पर रोक लग जाती है तो कुछ पश्चिमी देशों में भी रोक लग जाएगी जिससे सीसीपी (चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी) के जासूसी या निगरानी के काम से एक बड़ा हथियार छिन जाएगा.'

ब्रायन ने कहा, 'जो बच्चे टिकटॉक का इस्तेमाल कर रहे हैं.... और यह मजेदार हो सकता है... लेकिन कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी है जिनका वे इस्तेमाल कर सकते हैं. वे आपके सभी निजी डेटा ले रहे हैं, आपका सबसे व्यक्तिगत डेटा ले रहे हैं. वे यह पता लगा रहे हैं कि आपके दोस्त कौन हैं, आपके माता-पिता कौन हैं. वे आपके सभी संबंधों का पता लगा सकते हैं.' उन्होंने कहा कि सभी सूचना सीधे-सीधे चीन में सुपर कम्प्यूटर्स में जा रही है. उन्होंने कहा, 'चीन आपके बारे में सबकुछ जान रहा है. आपको इसे लेकर काफी सावधान रहना चाहिए कि आप किसे ऐसी निजी सूचना दे रहे हैं.' शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन न केवल टिकटॉक बल्कि वीचैट और कुछ अन्य चीनी ऐप्स पर भी विचार कर रहा है क्योंकि चीनी अमेरिका का निजी डेटा पाने के लिए बेताब रहते हैं.
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