बीजिंग का कदम स्वच्छता की ओर, निकल सकता है 200 प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर

भाषा
Updated: September 12, 2019, 4:47 PM IST
बीजिंग का कदम स्वच्छता की ओर, निकल सकता है 200 प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर
200 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर आयेगा बीजिंग

बीजिंग (Beijing) दुनिया के 200 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर निकल सकता है, आइक्‍यूएयर एयर विजुअल (IQAir AirVisual) के आंकड़ों के अनुसार.

  • भाषा
  • Last Updated: September 12, 2019, 4:47 PM IST
  • Share this:
बीजिंग: बीजिंग (Beijing) दुनिया के 200 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर निकल सकता है. दरअसल चीन (china) की राजधानी बीजिंग अपनी खराब वायु गुणवत्ता की वजह से कई बार सुर्खियों में रही है. गुरुवार को आइक्‍यूएयर एयर विजुअल (IQAir AirVisual) के आंकड़ों के अनुसार अगस्‍त माह में नुकसानदायक धुंध में काफी कमी आई है. स्विट्जरलैंड की वायु शुद्धीकरण तकनीक कंपनी आईक्यूएयर की अनुसंधान करने वाली इकाई एयर विजुअल ने कहा कि बीजिंग पीएम 2.5 को कम करने की दिशा में अग्रसर है.

क्या है पीएम 2.5
पीएम 2.5 ऐसे सूक्ष्म कण है जो खतरनाक वायु प्रदूषक हैं. बीजिंग ने इसे 2018 के मुकाबले इस साल 20 फीसदी कम कर लिया है. धुंध से प्रभावित चीन की राजधानी में 2019 के आठ महीनों में हवा के प्रति क्यूबिक मीटर में पीएम 2.5 प्रति घंटे औसत 42.6 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया है. पिछले साल इसी अवधि में यह मात्रा 52.8 था.

साल 2009 में इसी अवधि में पीएम 2.5 की मात्रा करीब दो गुनी थी. चीन ने कहा है कि वह साल 2019 में प्रदूषण के खिलाफ अपने अभियान के दौरान अधिक कुशल और लक्षित उपाय अपनाएगा. इसके साथ ही वह प्रदूषण के खिलाफ अपने प्रयासों को कमजोर नहीं करेगा और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगा.

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) द्वारा तय मानकों के अनुसार शहर की एयर क्‍वालिटी में खास सुधार नहीं है. मौजूदा आंकड़े भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तय किए गए आंकड़े का चार गुना ज्यादा है. WHO के अनुसार हवा में पीएम 2.5 का स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए जो अभी भी इससे चार गुना अधिक है. बीजिंग की हवा में इसकी मात्रा 35 माइक्रोग्राम है जो चीन के अपने अंतरिम राष्ट्रीय मानक से अधिक है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा आंकड़े की तुलना अगर एक दशक पहले के आंकड़ों से करें तो यह और भी आश्चर्यजनक है. हालांकि मौजूदा आंकड़े भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तय किए गए आंकड़े का चार गुना ज्यादा है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका में ई-सिगरेट पर पाबंदी लगा सकते हैं ट्रंप

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 12, 2019, 4:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...