बेलारूस: विपक्षी महिला नेता ओल्गा को जबरदस्ती देश से निकाला, वकील को हिरासत में लिया

बेलारूस: विपक्षी महिला नेता ओल्गा को जबरदस्ती देश से निकाला, वकील को हिरासत में लिया
बेलारूस में विपक्षी महिला नेता ओल्गा को जबरदस्ती देश से निकाल दिया गया है.

बेलारूसी समन्वय परिषद के एक बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा पूर्वी यूरोपीय देश से एक बेलारूसी कार्यकर्ता (Olga Kovalkova) को देश से बाहर निकाल दिया गया है. ओल्गा मुख्य बेलारूसी विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोवस्काया (Svetlana Tikhanovskaya) की विश्वासपात्र हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 10:11 PM IST
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मिंस्क. बेलारूस की सड़कों पर एक पर राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (Aleczendar Lukashenko) का विरोध जारी है. वहीं दूसरी ओर सत्ता विरोध करने वाले का हर कीमत पर दमन करना चाहता है. बेलारूसी समन्वय परिषद के एक बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा पूर्वी यूरोपीय देश से एक बेलारूसी कार्यकर्ता (Olga Kovalkova) को देश से बाहर निकाल दिया गया है. संगठन के एक बयान के अनुसार, मुख्य बेलारूसी विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोवस्काया (Svetlana Tikhanovskaya) की विश्वासपात्र ओल्गा कोवलकोवा को शनिवार रात देश से निकाला गया है. बेलारूस पुलिस ने बुधवार को ही विपक्ष के वकील और प्रमुख सदस्य मक्सिम जांक को हिरासत में ले लिया है. मक्सिम ने पिछले महीने लुकाशेंकों के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भाग लिया था.

कोवलकोवा को पोलैंड की बोर्डर पर पुलिस ने छोड़ दिया

परिषद एक निकाय है जिसका उद्देश्य सत्ता के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परिवर्तन का समन्वय करना है. इस परिषद की स्थापना बेलारूस के बीते अगस्त महीने में हुए विवादित चुनावों के बाद तिखानोवस्काया द्वारा किया गया था. परिषद् ने बयान जारी करके कहा है कि 5 सितंबर की रात को बेलारूस की स्पेशल सर्विस ने ओल्गा कोवलकोवा को घर से उठा लिया और उसे बेलारूस और पोलैंड की बॉर्डर पर स्थित नो मैंस लैंड में जाकर छोड़ दिया.



कोवलकोवा के वकील के सामने पुलिस ने रखी दो शर्त
कोवलकोवा के वकील को दो आॅफर दिए हैं. पहली पेशकश यह है कि कोवलकोवा को देश छोड़ना पड़ेगा या उसे बेलारूस की कस्टडी में रहना पड़ेगा. कोवलकोवा को पुलिस ने घर में घुसकर मास्क पहनाया और उसे कार के पिछले हिस्से में पटका और बेलारूस बॉर्डर पर स्थित ब्रूजगी में ले जाकर छोड़ दिया.

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पुलिस ने एक और एक्टिविस्ट को पौलैंड पर जाकर छोड़ दिया. वह वर्साव जाने वाली ​रेग्यूलर बस में सवार हो गई. गौरतलब है कि स्वेतलाना तिखानोवस्काया खुद ही निर्वासन का जीवन जी रही हैं. वह अपनी जान बचाने के लिए बाल्टिक गणराज्य के लिथुवानिया में जीवन बसर कर रही हैं.
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