बेलारूस के राष्ट्रपति ने विदेशी सैन्य घुसपैठ का किया दावा, नाटो ने इसे आधारहीन बताया

बेलारूस के राष्ट्रपति ने विदेशी सैन्य घुसपैठ का किया दावा, नाटो ने इसे आधारहीन बताया
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको

नाटो (Nato) ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (President Alexander Lukashenko) के विदेशी शक्तियों के देश की सीमा पर सैन्य दलों को संगठित (organising a build-up of troops) करने के दावे को आधारहीन बताया है.

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  • Last Updated: August 23, 2020, 12:12 PM IST
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मिंस्क. नाटो (Nato) ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (President Alexander Lukashenko) के विदेशी शक्तियों के देश की सीमा पर सैन्य दलों को संगठित (organising a build-up of troops) करने के दावे को आधारहीन बताया है. सेना के वस्त्र पहने राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है. दो हफ्ते पहले हुए राष्ट्रपति पद के विवादित चुनाव के बाद शनिवार को भी मिंस्क की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रहा.

प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति लुकाशेंको से मांग से रहे हैं इस्तीफा

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लुकाशेंको अपने पद से इस्तीफा दें. बेलारूस पर 26 वर्षों तक शासन करने वाले लुकाशेंको ने दावा किया है कि नाटो ब्लाक बेलारूस को तोड़ने की साजिश कर रहा है और मिंस्क में एक नया राष्ट्रपति स्थापित करना चाहता है. उन्होंने कहा कि पोलैंड और लिथुआनिया में सैन्य दल तैयार हो रहे हैं और इसलिए वे अपनी सेना को देश की पश्चिमी सीमा पर भेज रहे हैं.



बेलारूस की सीमा पर कोई सैनिक गतिविध नहीं हो रही: नाटो
नाटो ने दावे को खारिज करते हुए यह कहा कि बेलारूस या किसी अन्य देश के लिए कोई खतरा नहीं है और इस क्षेत्र में कोई सैन्य संगठन नहीं हुआ है. हमारी मुद्रा पूरी तरह से रक्षात्मक है. लिथुआनियाई राष्ट्रपति गीतानस नौसदा ने भी कहा कि बेलारूस के राष्ट्रपति काल्पनिक बाहरी खतरों के बारे में निराधार बयान देकर बेलारूस की आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं. नाटो ने बेलारूस से अपने नागरिकों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया

राष्ट्रपति चुनाव में हुई थी धांधली

राष्ट्रपति लुकाशेंको को यूरोप के आखिरी तानाशाह का उपनाम दिया गया है और वे पिछले 26 वर्षों से सत्ता में बने हुए हैं. 9 अगस्त को लुकाशेंको को फिर से बेलारूस का राष्ट्रपति चुना गया लेकिन माना जा रहा है कि यह जीत वोटों में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी के कारण सम्भव हुई है हुई. इन परिणामों पर देश की जनता का गुस्सा फूटा और लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे. इन प्रदर्शनों में चार लोग मारे गए और अनेकों को जेल में डाल दिया गया हैं और यातनाएं दी जा रही हैं.

लुकाशेंको ने आंदोलन को कुचलने की खाई है कसम

बेलारूस की जनता ने लोकतांत्रिक नेतृत्व और आर्थिक सुधार की मांग करते हुए एक विशाल विपक्षी आंदोलन शुरू कर दिया है. राष्ट्रपति ने अशांति को कुचलने की कसम खाई है और विदेशी समर्थित क्रांतिकारियों को इस असंतोष के लिए दोषी ठहराया है. शनिवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने मोबाइल फोन से रोशनी लहराई और "स्वतंत्रता" का जाप करते हुए मिंस्क की सड़कों पर बेलारूसी झंडे उड़ाए. इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार पुलिस ने शहर के इंडिपेंडेंस स्क्वायर में एकत्रित 1,000 से अधिक लोगों को तितर-बितर करने की कोशिश की.

विपक्षी नेता स्वेतलाना निर्वासन के लिए हुईं मजबूर

विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्सकाया को चुनाव के बाद निर्वासन के लिए मजबूरकर दिया गया था, ने विरोध प्रदर्शन में आखिर तक खड़े रहने की कसम खाई है. स्वेतलाना ने बीबीसी को बताया कि अगर अब ये आंदोलन बंद हो गया, तो वे फिर से गुलाम हो जाएंगे. हमें अब अपने कदम वापिस खींचने का कोई अधिकार नहीं है.

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टिकटॉक बैन के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ चलाएगा मुकदमा

उन्होंने कहा कि बेलारूस निवासियों ने उन्हें भविष्य के राष्ट्रपति के रूप में नहीं बल्कि बदलाव का प्रतीक समझकर वोट दिया था. पश्चिमी मीडिया के साथ अपने इस एकमात्र साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वे सभी लोग अपने भविष्य के लिए, स्वतंत्र देश में रहने की इच्छा के लिए, हिंसा के खिलाफ, अपने अधिकारों के लिए आवाज लगा रहे हैं.
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