चुनाव में बाइडेन जीते तो भारतीयों के हित में होगी इमीग्रेशन पॉलिसी, ये बदलाव होंगे

चुनाव में बाइडेन जीते तो भारतीयों के हित में होगी इमीग्रेशन पॉलिसी, ये बदलाव होंगे
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन (फाइल फोटो)

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) अगर 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुन लिए जाते हैं तो उम्मीद यह जताई जा रही है कि वे अमेरिका की इमीग्रेशन पॉलिसी (Immigration Policy) में बदलाव लाएंगे.

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  • Last Updated: August 25, 2020, 12:38 PM IST
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वाशिंगटन. राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) अगर 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुन लिए जाते हैं तो उम्मीद यह जताई जा रही है कि वे अमेरिका की इमीग्रेशन पॉलिसी (Immigration Policy) में बदलाव लाएंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump)  विवादों से घिरी अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी के लिए चर्चित रहे हैं और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने इस इमीग्रेशन पालिसी को कई नामों से पुकारा है. वे कभी इसे बेरहम पॉलिसी कहते हैं तो कभी इसे राष्ट्रीय शर्म का विषय बताते हैं तो कभी इसे ट्रम्प की नैतिक विफलता कहते हैं.

अस्थायी वीजा प्रणाली में सुधार

बाइडेन के जीत दर्ज करने के बाद एक ऐसा विधान पारित किया जाएगा जो अस्थायी वीजा प्रणाली में सुधार करे. बाइडेन के अनुसार इन-डिमांड व्यवसायों के लिए अमेरिका में पहले से काम कर रहे श्रमिकों को हतोत्साहित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. बाइडेन हाई-स्किल्ड वीजा की संख्या को बढ़ाने और देश द्वारा रोजगार-आधारित वीजा की लिमिट को खत्म करने का समर्थन करेगा जो लंबे बैकलॉग बनाते हैं.



ट्रम्प की इमीग्रेशन पॉलिसी में बदलाव
बाइडेन ने कसम खाई है कि अगर वे राष्ट्रपति चुने गए तो ट्रम्प की प्रवासी सुरक्षा प्रोटोकॉल पॉलिसी को खत्म करने और शरणार्थियों को अत्याचार के कारण भागने वालों की रक्षा और जो सुरक्षित रूप से घर नहीं लौट सकते उन शरणार्थियों से जुड़े कानूनों को बहाल करेंगे. शरण लेने से जुड़ी वर्तमान अमेरिकी नीति के तहत हर दिन गिनती के ही आवेदन स्वीकार किये जाते हैं जिसके कारण अमेरिका में शरण लेने के इच्छुक लोगों को हफ्तों तक मैक्सिकन बॉर्डर से सटे शहरों में सड़कों पर इंतजार करना पड़ता है. बिडेन ने यह भी कहा कि शरण लेने से जुड़े आवेदनों को पूरी ईमानदारी और कुशलता से प्रोसेस करने के लिए आवश्यक संसाधनों को निर्देशित करेंगे.

बाइडेन के घोषणापत्र में ये बातें हैं शामिल

बाइडेन के घोषणापत्र में इमीग्रेशन से जुड़े कई बदलावों का जिक्र किया गया है. उन्होंने गैर अमेरीकियों की यात्रा और शरणार्थियों पर लगे प्रतिबंध, जिसे मुस्लिम प्रतिबंध भी कहा जाता है, को भी रद्द करने की बात कही गई है. बिडेन के घोषणा पत्र में लिखा है कि मुसलमानों को देश में प्रवेश करने से रोकना नैतिक रूप से गलत है और ऐसा कोई सबूत या प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि उनके न आने से हमारा राष्ट्र अधिक सुरक्षित बन जाता है.

सीमा से जुड़ी तकनीक और इमीग्रेशन सिस्टम में सुधार

बाइडेन ने सीमा से संबंधित बेहतर तकनीक में निवेश करने का वादा किया है जिससे कार्गो स्क्रीनिंग में सुधार आएगा. बाइडेन और उनकी साथी कमला हैरिस के घोषणापत्र के अनुसार लोगों का सबसे अनुचित प्रवेश बंदरगाहों के माध्यम से होता है. हमारी सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरे - ड्रग कार्टेल और मानव तस्कर- अधिक आसानी से बच सकते हैं क्योंकि ट्रम्प ने वैध तरीके से शरण चाहने वाले बदमाशों को गलत तरीके से संसाधन आवंटित किये हुए हैं.

'ड्रीमर्स' और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करें

डीएसीए (DACA) को A ड्रीमर्स की रक्षा के लिए 2012 में बनाया गया था. वे अप्रवासी जिनके पास दस्तावेज नहीं है, उन्हें उनके बचपन में ही अमेरिका लाया गया. वे यहां के कानूनों का पालन करते हुए स्कूलों में काम किया या सेना में भर्ती हुए. ट्रम्प प्रशासन ने इस कार्यक्रम को समाप्त कर दिया लेकिन बाइडेन डीएसीए को बहाल करके ड्रीमर्स की अनिश्चितता को दूर करेंगे

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अनधिकृत अप्रवासियों को नागरिकता का मार्ग प्रदान करने वाला विधान
बिडेन के घोषणापत्र के अनुसार किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा संख्या न प्राप्त करने वाले और न ही किसी तरह का कोई कानूनी कागज न प्राप्त करने वाले 4.4 मिलियन श्रमिकों से $ 23.6 बिलियन एकत्र किए गए. बाइडेन ने वादा किया है कि वे एक ऐसे कानून बनाने की वकालत करेंगे जिसमें अनधिकृत प्रवासियों के लिए कानूनी स्थिति और नागरिकता के लिए एक स्पष्ट रोडमैप बनाया जाएगा.
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