ब्रिटेन में इस गड़बड़ी की वजह से 16 हजार कोरोनावायरस मामलों में हुई बड़ी चूक

ब्रिटेन में 16 हजार कोरोनावायरस मामलों में बड़ी चूक हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर )
ब्रिटेन में 16 हजार कोरोनावायरस मामलों में बड़ी चूक हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर )

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) के अनुसार, कोरोना परीक्षण (Covid-Test) के दौरान आईटी तकनीकी में गड़बड़ी होने के चलते ब्रिटेन में रोजाना तकरीबन 16 हजार कोरोना पॉजिटिव मामलों में चूक हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 6:31 PM IST
  • Share this:
लंदन. ब्रिटेन में कोरोनावायरस (Coronavirus) पर चौंकाने वाले आंकड़ा सामने आया है. पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) के अनुसार, कोरोना परीक्षण (Covid-Test) के दौरान आईटी तकनीकी में गड़बड़ी होने के चलते ब्रिटेन में रोजाना तकरीबन 16 हजार कोरोना पॉजिटिव मामलों में चूक हुई है. यह आंकड़ा 25 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच का है. इसमें शनिवार को करीब 13 हजार और रविवार को लगभग 23 हजार नये मामलों को जोड़ा गया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे देश के भविष्य के लिए चिंताजनक बताया है.

आंकडों में हुआ हेर-फेर

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक, इस समस्या के बाद कोरोना पॉजिटिव लोगों को तो सूचित किया गया लेकिन इनके संपर्क में आने वालों लोगों को ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई. हालांकि तकनीकी समस्या को ठीक कर लिया गया है लेकिन इससे कोरोना वायरस डेशबोर्ड पर सरकार के पिछले सप्ताह के कोरोना के मामले रोजाना मामलों की तुलना में कम संख्या में थे. इस हफ्ते के अंत तक 11 हजार कोरोना के मामले सामने आए थे लेकिन डेशबोर्ड पर केवल 7 हजार मामलों को ही जोड़ा गया.



आधी से कम आबादी होगा टीकाकरण
वहीं, सरकार के वैक्सीन टास्कफोर्स के अध्यक्ष, कैट बिंघम ने बताया है कि ऐसी स्थिति में कोरोनावायरस के मद्देनजर ब्रिटेन की आधी से भी कम आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है. उन्होंने कहा 'कोरोनावायरस के टीकाकरण में 50 से ऊपर की उम्र के वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा, लेकिन इसमें 18 साल से कम उम्र के वर्ग को नहीं लिया जाएगा.'

पीएम ने की लोगों से यह अपील

वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चेताते हुए कहा कि क्रिसमस त्योहार पर यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है. ऐसे में देश में कोरोनावायरस पर पार पाना मुश्किल हो जाएगा. बीबीसी के एक कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि कोरोना से लड़ाई को लेकर वह आशान्वित हैं, लेकिन उन्होंने जनता से निडर रहने और कॉमन सेंस के साथ व्यवहार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार जीवन की रक्षा करने और अर्थव्यवस्था को बचाने के बीच एक संतुलित दष्टिकोण के साथ काम कर रही है।

विशेषज्ञ दे रहे ये सलाह

इधर, विशेषज्ञ हर 48 घंटों के अंदर कोरोना के मरीजों को जांचने की सलाह दे रहे हैं. वहीं, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल ब्रॉडी ने कहा कि शुक्रवार (2 अक्टूबर) की रात को तकनीकी समस्या को पहचान लिया गया था और इस प्रक्रिया में कोविड-19 पॉजिटिव लैब परिणामों को डैशबोर्ड में जोड़ दिया गया था, लेकिन इस तकनीकी चूक से ब्रिटिशों में कोरोना की परीक्षण प्रणाली के प्रति विश्वास कम हो गया है.

ये भी पढ़ें: मिस्र में पुरातत्व विभाग की खुदाई में 2500 साल पुरानी ममीज मिली

 US: चोरी कर eBay पर सामान बेचती थी बुढ़िया, भारी जुर्माने के साथ हुई जेल 

स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी से कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट लेने वाले लोग बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुए हैं और जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है उन सभी को पहले ही सूचित कर दिया गया है. सरकार ने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण सप्ताह के दौरान आने वाले कुछ मामले उस समय दर्ज नहीं हो पाए थे, इसलिए उन मामलों को भी शनिवार के आंकड़ों में शामिल किया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज