मुस्लिमों की यात्रा पर प्रतिबंध लगने से रोकने को लेकर अमेरिकी संसद में विधेयक पेश

कॉन्सेप्ट इमेज.

कॉन्सेप्ट इमेज.

अमेरिका (America) के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मुस्लिम यात्रा प्रतिबंध संबंधी विधेयक पेश किया था जिसमें मुस्लिम बहुल देशों को निशाना बनाया गया था और ईरान, उत्तर कोरिया, सीरिया, लीबिया, यमन, सोमालिया और वेनेजुएला के लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 5:02 PM IST
  • Share this:
वॉशिंगटन. अमेरिका (America) में डेमोक्रेटिक पार्टी के 140 सांसदों ने भविष्य में मुसलमानों पर यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban) लगाने से रोकने के लिए और धार्मिक आधार पर भेदभाव को रोकने के लिए कांग्रेस (संसद) में एक विधेयक को फिर से पेश किया है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम यात्रा प्रतिबंध संबंधी विधेयक पेश किया था जिसमें मुस्लिम बहुल देशों को निशाना बनाया गया था और ईरान, उत्तर कोरिया, सीरिया, लीबिया, यमन, सोमालिया और वेनेजुएला के लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था.

राष्ट्रपति जो बाइडन ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन मुसलमानों पर लगे यात्रा प्रतिबंध को खत्म कर दिया था. सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख जेरोल्ड नडलर और जूडी चू ने राष्ट्रीय मूल-आधारित गैर प्रवासियों के लिए भेदभाव रोधी (नो बैन) अधिनियम को शुक्रवार को प्रतिनिधिसभा में पेश किया जबकि सीनेट में सीनेटर क्रिस कॉन्स ने इसे पेश किया. भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और राजा कृष्णमूर्ति उन लोगों में शामिल हैं जो विधेयक का समर्थन कर रहे हैं.

नडलेर ने कहा कि जब ट्रंप प्रशासन ने विदेशों को नापसंद करने वाला मुस्लिम यात्रा प्रतिबंध जारी किया था तो यह तत्काल जाहिर हो गया था कि यह असंवैधानिक है, भेदभावकारी है तथा नैतिक रूप से निंदनीय है. उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति बाइडन ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन इस प्रतिबंध को खत्म करने के लिए साहसी कार्रवाई की और परिवारों को मिलाया. ऐसा न हो कि भविष्य में कोई राष्ट्रपति इस जघन्य नीति को बहाल कर दे, इसलिए हम इस संभावना का जोखिम नहीं ले सकते हैं.'



कांग्रेस की सदस्य जूडी चू ने कहा कि मुसलमानों पर यात्रा प्रतिबंध लगाना अमेरिका पर एक घृणित धब्बा है. यह फैसला सिर्फ धर्मान्धता से प्रेरित था ना कि इसका कारण वास्तविक राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताएं थीं। प्रतिबंध ने सिर्फ परिवारों को जुदा किया और धर्मान्धता तथा इस्लामोफोबिया को बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा, " हम इस बात का जोखिम नहीं ले सकते हैं कि पूर्वाग्रह फिर से नीति बने. इसलिए मैं 'नो बैन' अधिनियम को पेश कर रही हूं.'
ये भी पढ़ें: सीरिया में हुए हमले पर बोला वेनेजुएला- अमेरिका भीषण युद्ध की ओर लौट रहा

उन्होंने कहा कि यह कानून सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी राष्ट्रपति लोगों को सिर्फ धर्म की वजह से प्रतिबंधित नहीं कर पाए. सीनेटर कॉन्स ने कहा, 'हमने मुसलमानों पर यात्रा प्रतिबंध के दुखद पन्ने को पलट दिया है लेकिन अब हमें नया अध्याय लिखना चाहिए, जिसमें कोई भी राष्ट्रपति डर और पूर्वाग्रह के आधार पर एक समुदाय के खिलाफ काम न कर पाए.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज