बिश्केक SCO समिट: कोने में बैठे रहे इमरान खान, PM मोदी ने मुड़कर भी न देखा

SCO समिट में डिनर के दौरान दोनों नेताओं ने एक ही वक्त पर एंट्री की लेकिन फिर भी पीएम मोदी और इमरान खान ने न ही हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं.

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Updated: June 14, 2019, 10:32 AM IST
बिश्केक SCO समिट: कोने में बैठे रहे इमरान खान, PM मोदी ने मुड़कर भी न देखा
प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में इमरान खान से न बात की और न ही हाथ मिलाया (फाइल फोटो)
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Updated: June 14, 2019, 10:32 AM IST
पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के लिए किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में हैं लेकिन दोनों के बीच न ही कोई बातचीत हुई और न ही औपचारिक अभिवादन. हालांकि समिट के लिए निकलने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि भारत के साथ उनके देश के संबंध शायद अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं.

इसके अलावा उन्होंने आशा जताई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए अपने 'प्रचंड जनादेश' का उपयोग करेंगे.



इमरान खान ने SCO में संबंध सुधरने की जताई थी आशा
बिश्केक के लिए रवाना होने से पहले रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक को दिए एक ‘इंटरव्यू’ में इमरान खान ने कहा कि एससीओ सम्मेलन ने उन्हें दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नेतृत्व के साथ बात करने का अवसर दिया है. खान ने कहा कि एससीओ सम्मेलन ने पाकिस्तान को भारत सहित अन्य देशों के साथ अपना संबंध विकसित करने के लिए एक नया मंच दिया है.

उन्होंने कहा कि इस वक्त भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध शायद अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं. खान ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह की मध्यस्थता के लिए तैयार है और अपने सभी पड़ोसियों, खासतौर पर भारत के साथ शांति की उम्मीद करता है. उन्होंने कहा कि तीन छोटे युद्धों ने दोनों देशों को इस कदर नुकसान पहुंचाया कि वे अभी भी गरीबी के भंवर जाल में फंसे हुए हैं.

दो बार बातचीत के लिए गिड़गिड़ा चुके हैं इमरान
गौरतलब है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा था कि एससीओ सम्मेलन से इतर मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष खान के बीच किसी द्विपक्षीय बैठक की योजना नहीं है. वहीं, खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिख कर सभी मुद्दों पर वार्ता बहाल करने की अपील की है. लेकिन पुलवामा के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना कड़ा रुख बनाए रखा है. आतंक के साथ-साथ बातचीत की किसी भी गुंजाइश से भारत का इंकार है.
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पीएम ने चीन को भी पाकिस्तान पर समझा दिया अपना स्टैंड
मोदी ने गुरुवार को यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी वार्ता के दौरान सीमा पार से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को उठाया और कहा कि भारत वार्ता बहाली के लिए आतंक मुक्त माहौल बनाने के मकसद से पाक द्वारा ठोस कार्रवाई किए जाने की उम्मीद करता है.

खान ने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि भारत के साथ हमारा तनाव घटेगा, इसलिए हमें हथियार नहीं खरीदना है क्योंकि हम मानव विकास पर धन खर्च करना चाहते हैं. लेकिन हां, हम रूस से हथियार खरीदने पर विचार कर रहे हैं और मैं जानता हूं कि हमारी सेना रूसी सेना के साथ संपर्क में है.’’

आगे-आगे चल रहे थे पीएम मोदी पर इमरान को पलटकर भी नहीं देखा
पाकिस्तानी सूत्रों से मिली एक जानकारी के जरिए एक समाचार चैनल ने बताया कि एससीओ सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और इमरान खान के बीच कोई वार्ता नहीं होगी. पीएम मोदी ने वहां मौजूद सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की, लेकिन इमरान खान से नहीं. दोनों नेता एक वक्त पर हॉल में आए थे. पीएम मोदी इमरान खान के आगे-आगे चल रहे थे. लेकिन फिर भी दोनों के बीच न तो कोई बातचीत हुई, न नजरें मिलीं और न ही हाथ. हॉल में पीएम मोदी इमरान खान से सिर्फ तीन सीट दूर बैठे थे.  गाला कल्चरल नाइट प्रोग्राम में भी दोनों नेता एक-दूसरे  के आसपास ही रहे. मगर अब तक दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान रूस के साथ पिछले कुछ बरसों से संयुक्त सैन्य अभ्यास करता आ रहा है. इसके अलावा वह रूस से रक्षा खरीद भी कर रहा है जिसने नयी दिल्ली को कुछ चिंतित किया है.

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