ब्लड टेस्ट से कोविड-19 की गंभीरता का लग सकता है अंदाजा

ब्लड टेस्ट के जरिये कोविड-19 के मरीज की गंभीरता का पता चल सकता है.
ब्लड टेस्ट के जरिये कोविड-19 के मरीज की गंभीरता का पता चल सकता है.

डॉक्टर अब कोविड-19 (Covid-19) मरीजों के खून की जांच (Blood Test) कर यह पता लगा सकते हैं कि किस मरीज के गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा अधिक है और किस को वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत पड़ सकती है.

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वाशिंगटन. डॉक्टर अब कोविड-19 (Covid-19) मरीजों के खून की जांच (Blood Test) कर यह पता लगा सकते हैं कि किस मरीज के गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा अधिक है और किस को वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत पड़ सकती है. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह अनुसंधान कोविड-19 के गंभीर मामलों में देखे जाने वाले घातक 'साइटोकिन स्टॉर्म' (Sytokin Storm) को रोकने के लिए नये इलाज के मार्ग प्रशस्त करता है. साइटोकिन स्टॉर्म उस स्थिति को कहते हैं जब शरीर बहुत तेजी से खून में अधिक मात्रा में साइटोकिन यानी प्रोटीन छोड़ने लगे. इससे यह समझने में भी मदद मिल सकती है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में क्यों मधुमेह की वजह से घातक परिणाम देखने को मिलते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन ने शोध किया

यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन के मयूरेश अभयांकर समेत वैज्ञानिकों ने पाया कि जांच के दौरान रक्त में किसी खास साइटोकिन का स्तर पता लगने से उसका इस्तेमाल बाद के नतीजों का अनुमान लगाने में किया जा सकता है. अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि रोग प्रतिरक्षी कोशिकाओं द्वारा उत्पन्न प्रोटीन यानि साइटोकिन प्रतिरक्षा तंत्र की कई गंभीर अत्यधिक प्रतिक्रियाओं के लिए जिम्मेदार होता है जिसे हम साइटोकिन स्टॉर्म कहते हैं और यह कोविड-19 तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ा हुआ होता है.



उन्होंने कहा कि यह खोज स्कोरिंग प्रणाली का हिस्सा बन सकती है, जिसके आधार पर डॉक्टर अधिक जोखिम वाले कोविड-19 मरीजों की पहचान कर उनकी करीब से निगरानी कर सकें और व्यक्तिगत तौर पर उनपर अधिक ध्यान दें.
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ये निष्कर्ष ऐसे साइटोकिन की भी पहचान करते हैं जिन्हें डॉक्टर इलाज के नये तरीके के रूप में प्रयोग कर सकते हैं. इन निष्कर्षों को पूर्व-प्रिंट सर्वर ‘मेडआरएक्सआईवी डॉट ओआरजी’ पर साझा किया गया है.
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