ब्राजील में एक साथ दिखाई दिए 92,000 कछुए, 90 किलो तक होता है इनका वजन

ब्राजील की प्यूर्स नदी के तट पर एक साथ 92 हजार कछुए दिखाई देने लगे.

ब्राजील की प्यूर्स नदी के तट पर एक साथ 92 हजार कछुए दिखाई देने लगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 5:25 PM IST
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रियो डी जेनेरो. ब्राजील (Brazil) की एक नदी में अचानक से 92,000 कछुओं की सुनामी (Tsunami Of Turtles) आ गई. ब्राजील के प्यूर्स नदी (Pure River) में इन दिनों कछुओं की संख्या काफी बढ़ गई है. यह नदी अमेजन नदी (Amazon River) की सहायक नदियों में से एक है. इस नदी में हजारों की संख्या में साउथ अमेरिकन रिवर टर्टल्स की प्रजाति के कछुओं के बच्चों की फौज दिखाई दी है. दरअसल हुआ यह कि कछुए के बच्चे अचानक नदी के अंदर से बहुत बड़ी संख्या में निकलने लगे. प्यूर्स नदी तट पर इन कछुओं के लिए एक संरक्षित क्षेत्र बनाया गया है. ये कछुए अमेरिका में फ्रेश वॉटर में पाए जाने वाले सबसे विशालकाय कछुओं में से एक हैं.

ये कुछए कुछ ही दिनों पहले अंडों से निकले थे

इन हजारों कछुओं की तस्वीरें और वीडियो को ब्राजील के वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से शेयर की. इस ट्वीट में यह बताया गया है कि ये कछुए अभी अंडों से निकले हैं और ये अभी बच्चे हैं. ब्राजील के प्यूर्स न​दी और आसपास के इलाके में ये कछुए हर साल प्रजनन के लिए आते हैं. इन कछुओं के बच्चों को अंडों से बाहर निकलने में एक महीने से ज्यादा का समय लग जाता है. रेतीले बालू के किनारे से निकलकर कछुओं के ये बच्चे नदी की तरफ बढ़ते हैं.


90 किलो तक हो सकता है इनका वजन

अमेजन के जंगलों में कछुओं की ये प्रजाति बीजों को फैलाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाती है, जिससे जंगल को पनपने में सहायता मिलती है. वयस्क साउथ अमेरिकन रिवर टर्टल्स का वजन 90 किलो और लंबाई साढ़े तीन फीट से भी अधिक हो सकता है.

हर दिन हजारों अंडों से बाहर आ रहे हैं कछुए



वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी ने बताया कि हर दिन हजारों की संख्या में कछुए अपने अंडों से निकलकर ऐसे ही झुंडों में दिखाई देते हैं और यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहता है. हजारों की संख्या में दिखाई दे रहे कछुओं की यह प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है. ऐसे में इनके प्रबंधन और संरक्षण को बेहतर बनाने के लिए हमेशा रिसर्च चलता रहता है. वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के सदस्य संरक्षित इलाके में मादा वयस्क कछुओं की देखभाल करते हैं. कछुओं की ये प्रजाति मांस और अंडे की तस्करी के चलते काफी कम होती जा रही है.

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एक्वाटिक टर्टल स्पेशलिस्ट कैमिला फेरारा के मुताबिक, विशालकाय साउथ अमेरिकन रिवर टर्टल्स का जन्म और उसके बाद के कुछ दिन बहुत ही नाजुक होते हैं. अपनी जीवन की यात्रा शुरू करने के दौरान कुछ समय तक ये कछुए एक साथ दिखते हैं, लेकिन बाद में ये अलग हो जाते हैं.
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