COVID-19 Vaccine: 40 से कम उम्र वालों को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन देने से क्यों हिचक रहा ब्रिटेन?

कमेटी ने वैक्सीन को लेकर पहले भी गर्भवती महिलाओं के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

कमेटी ने वैक्सीन को लेकर पहले भी गर्भवती महिलाओं के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

Blood Clot AstraZeneca Vaccine: ब्रिटेन में 40 साल से कम उम्र के लोगों को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के स्थान पर दूसरे विकल्पों की सलाह दी गई है. इसके साथ ही ब्रिटेन में गर्भवती महिलाओं को फाइजर की मॉडर्ना वैक्सीन लगाए जाने की बात कही थी.

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लंदन. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca) की वैक्सीन के मामले में खून के थक्कों (Blood Clot) को लेकर चिंताएं बरकरार हैं. हाल ही में जॉइंट कमेटी ऑन वैक्सिनेशन एंड इम्युनाइजेशन (JCVI) ने ब्रिटेन में 40 से कम उम्र के लोगों को कोई दूसरा टीका लगाने की सलाह दी है. देश में जल्द ही इस आयु वर्ग को दूसरी वैक्सीन लगाई जाएगी. हालांकि, यह पहली बार नहीं जब कमेटी ने वैक्सीन को लेकर सिफारिश की है. इससे पहले भी गर्भवती महिलाओं के लिए भी इसी तरह की एडवाइजरी जारी की गई थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने द डेली टेलीग्राफ के हवाले से लिखा है कि चेतावनी को ध्यान में रखकर लोगों को फाइजर या मॉडर्ना की वैक्सीन देने की बात कही गई है. ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा है कि JCVI और दवा नियामक MHRA का अभी भी मत है 'ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के फायदे ज्यादातर वयस्कों में जोखिम से कहीं ज्यादा हैं.' उन्होंने जानकारी दी है कि ब्रिटेन जुलाई के अंत तक सभी वयस्कों को वैक्सीन देने की राह पर है.

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अप्रैल में JCVI ने 30 साल से कम उम्र के लोगों को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के स्थान पर दूसरे विकल्पों की सलाह दी थी. साथ ही ब्रिटेन में गर्भवती महिलाओं को फाइजर या मॉडर्ना वैक्सीन लगाए जाने की बात कही थी. रॉयटर्स में 7 मई को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि नए आंकड़ों में ब्रिटेन के दवा नियामक ने कहा है कि दुर्लभ थक्कों और प्लेटलेट स्तर के गिरने के मामले प्रति 10 लाख डोज में 10.5 थे. जबकि, बीते हफ्ते यह आंकड़ा प्रति 10 लाख डोज पर 9.3 था.


नियामक ने गुरुवार को कहा कि कुछ सबूत मिले हैं, जिसमें पता चला है कि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन में सामने आए दुर्लभ खून के थक्कों के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह फर्क बेहद मामूली ही था. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, ब्रिटेन में अब तक कोरोना वायरस के 44 लाख 37 हजार 217 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 1 लाख 27 हजार 609 मरीजों की मौत हो चुकी है.

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