ब्रिटेन: PPE की कमी से एक ही वार्ड के 15 हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का संक्रमण

ब्रिटेन: PPE की कमी से एक ही वार्ड के 15 हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का संक्रमण
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ब्रिटेन (Britain) PPE की भारी कमी से जूझ रहा है. ऐसे में बिना पीपीई के मरीजों का इलाज करने वाले स्टाफ कोरोना (Coronavirus) से संक्रमित हो रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 5:49 PM IST
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लंदन: ब्रिटेन (Britain) में पीपीई (PPE) की कमी की वजह से एक हॉस्पिटल के 15 हेल्थ वर्कर्स को कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण हो गया है. ब्रिटेन की एक व्हिसलब्लोअर नर्स ने इस बात की जानकारी दी है. द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस की एक नर्स ने बताया है कि मर्सीसाइड के ऐरौ पार्क हॉस्पिटल के करीब 80 फीसदी स्टाफ वायरस से संक्रमित हो चुके हैं क्योंकि वो बिना पीपीई के मरीजों का इलाज कर रहे हैं.

नर्स ने बताया है कि जिस वार्ड में मेडिकल स्टाफ काम कर रहे थे, उसे नॉन कोरोना वायरस वार्ड बताया गया था. लेकिन इसके बावजूद 15 हेल्थ वर्कर्स को कोराना का संक्रमण हुआ है.

नर्स ने बताया है कि एक एक नर्स हॉस्पिटल से संक्रमित होकर अपने घर गई और अपने पति को वायरस का संक्रमण दे दिया. अब उस नर्स की हालत गंभीर बनी हुई है. नर्स ने कहा है कि इस हफ्ते तक हमें एक भी प्रोटेक्टिव सूट नहीं मिला है. हमलोग सिर्फ अपने ग्लव्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. यहां तक कि हमारे पास पेपर मास्क तक नहीं है.



ब्रिटेन में PPE की कमी का बड़ा संकट
नर्स ने कहा है कि सभी प्रोटेक्टिव चीजें आईसीयू के लिए आरक्षित रखी गई हैं. ये ठीक है लेकिन बाकी वार्डों का क्या? बाकी वार्डों को संघर्ष करने के लिए छोड़ दिया गया है.

नर्स ने बताया है कि हमलोग अपने जीवन को खतरे में डालकर मरीजों की सेवा कर रहे हैं और सरकार हमारी तरफ ध्यान नहीं दे रही है.

उसने कहा है कि लोग ये देखकर हैरान हो सकते हैं कि हमलोग किस तरह और कितने कम संसाधनों में हॉस्पिटल में काम कर रहे हैं.

ब्रिटेन में स्वस्थ लोगों को संक्रमण का खतरा
नर्स ने ये भी कहा है कि कम्यूनिटी टेस्टिंग की सुविधा नहीं होने की वजह से लोगों के जीवन पर खतरा बढ़ा है. उसने कहा कि लोग हॉस्पिटल में कोरोना के संक्रमण के संदेह में लाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक में वो पॉजिटिव नहीं होते. लेकिन जैसे ही उन्हें कोरोना के वार्ड में शिफ्ट किया जाता है, उनके संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.

ऐरौ पार्क यूके का ऐसा पहला हॉस्पिटल है, जिसे हाउस कोरोना वायरस के मरीजों के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है. वुहान से निकाले गए ब्रिटिश नागरिकों को इसी हॉस्पिटल में 14 दिनों के लिए क्वॉरंटाइन में रखा गया था.

विरल यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल, जो कि ऐरौ पार्क हॉस्पिटल को चलाती है के प्रवक्ता का कहना है कि मेडिकल स्टाफ इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ सलाहों का पालन कर रहे हैं. अगर किसी स्टाफ में वायरस संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो वो खुद को आइसोलेट कर लेते हैं.

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