ब्रिटेनः कोविड-19 टीके ट्रायल के लिए संक्रमित किए जाएंगे स्वस्थ प्रतिभागी

बीमारी के अनुसंधान और टीके के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए विवादास्पद तकनीक के इस्तेमाल की योजना की घोषणा करने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है.  (सांकेतिक तस्वीर)
बीमारी के अनुसंधान और टीके के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए विवादास्पद तकनीक के इस्तेमाल की योजना की घोषणा करने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Vaccine: कोविड-19 (Covid-19) की रोकथाम की दिशा में प्रयासरत कुछ अनुसंधानकर्ता मानते हैं कि इस तरह के अध्ययनों से सबसे अधिक प्रभावी टीके की जल्द पहचान करने की और दुनियाभर में 11 लाख से अधिक लोगों की जान लेने वाली महामारी (Pandemic) को नियंत्रित करने में मदद की क्षमता है.

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  • Last Updated: October 20, 2020, 11:45 PM IST
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लंदन. ब्रिटिश अनुसंधानकर्ता (British Researcher) कोविड-19 के टीके (Covid-19 Vaccine) की खोज में स्वस्थ युवा प्रतिभागियों को इस बीमारी को फैलाने वाले वायरस (Virus) से संक्रमित करने की तैयारी कर रहे हैं. इस तरह बीमारी के अनुसंधान और टीके के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए विवादास्पद तकनीक के इस्तेमाल की योजना की घोषणा करने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है. अनुसंधान के इस प्रकार को मनुष्य के लिए चुनौती वाला अध्ययन माना जाता है जिसका इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है क्योंकि कुछ लोग मानते हैं कि स्वस्थ लोगों को संक्रमित करना अनैतिक है.

लेकिन कोविड-19 (Covid-19) की रोकथाम की दिशा में प्रयासरत कुछ अनुसंधानकर्ता मानते हैं कि इस तरह के अध्ययनों से सबसे अधिक प्रभावी टीके की जल्द पहचान करने की और दुनियाभर में 11 लाख से अधिक लोगों की जान लेने वाली महामारी (Pandemic) को नियंत्रित करने में मदद की क्षमता है. अध्ययन के सह-अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर पीटर ओपनशॉ ने कहा, ‘‘अध्ययन में सहभागियों को जानबूझकर मनुष्य को प्रभावित करने वाले एक रोगाणु से संक्रमित करने को कभी हल्के में नहीं लिया गया?’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि इस तरह के अध्ययन किसी बीमारी के बारे में विस्तार से बताते हैं, और ऐसा कोविड-19 को लेकर भी है.’’



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इंपीरियल कॉलेज लंदन ने मंगलवार को कहा कि 18 से 30 वर्ष के प्रतिभागियों पर सरकार के व्यापार, ऊर्जा और औद्योगिक रणनीति विभाग, रॉयल फ्री लंदन एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट और एचवीआईवीओ के साथ मिलकर अध्ययन किया जाएगा.

अगले साल तक कोविड टीके का इस्तेमाल शुरू होने की उम्मीद
इससे पहले ब्रिटेन में कोविड-19 का टीका इस्तेमाल के लिए नए साल तक तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी. ब्रिटेन के वरिष्ठ मेडिकल प्रमुखों में शामिल एक विशेषज्ञ ने संकेत दिया है कि देश में कोविड-19 का टीका इस्तेमाल के लिए नए साल की शुरुआत में तैयार होने की उम्मीद है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के उप प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एवं कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को लेकर सरकार के सलाहकारों में शामिल जोनाथन वान टाम ने सांसदों को बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एस्‍ट्राजेनेका द्वारा बनाया जा रहा टीका दिसंबर में क्रिसमस के बाद इस्तेमाल के लिए तैयार हो सकता है. भारत में इसका ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के साथ करार है.

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‘द संडे टाइम्स’ ने बताया कि वान टाम ने पिछले सप्ताह सांसदों को जानकारी दी, ‘‘हम इससे प्रकाश वर्षों तक दूर नहीं है. यह कतई अवास्तविक बात नहीं है कि हम क्रिसमस के तत्काल बाद टीका इस्तेमाल के लिए तैयार कर सकते हैं. इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों और उनकी मौत की संख्या पर काफी असर पड़ेगा.’’

वान टाम के साथ एक अन्य बैठक में भाग लेने वाले एक सांसद ने समाचार पत्र को बताया कि चिकित्सा विशेषज्ञ ‘‘एस्ट्राजेनेका के तीसरे चरण के परिणाम को लेकर बहुत आशावान हैं. उन्हें इसके परिणाम इस महीने या अगले महीने के अंत तक आ जाने की उम्मीद है.’’
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