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कोरोना: लॉकडाउन की वजह से यूरोप में बच गईं 59 हजार जिंदगियां

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Updated: April 4, 2020, 11:37 PM IST
कोरोना: लॉकडाउन की वजह से यूरोप में बच गईं 59 हजार जिंदगियां
एक रिसर्च के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से यूरोप में बचा ली गईं 59 हजार जिंदगियां

एक रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने में लॉकडाउन (lock down) कारगर रहा है. इसके जरिए यूरोप में करीब 59 जिंदगियां बचा ली गईं.

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  • Last Updated: April 4, 2020, 11:37 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से निपटने में लॉकडाउन (lock down) कारगर साबित हुआ है. एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से यूरोप (Europe) में करीब 59 हजार जिंदगियां बचा ली गईं. लंदन के इंपीरियल कॉलेज में ये रिसर्च हुई है. इसके मुताबिक लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से निपटने में कारगर साबित हुए हैं.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक इंपीरियल कॉलेज की एक टीम ने इस रिसर्च को किया है. टीम में नील फर्ग्यूसन शामिल रहे हैं. नील ने ब्रिटिश सरकार को कोरोना से निपटने में मदद की है. नील फर्ग्यूसन और समीर भट्ट अपने रिसर्च में इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंगं के जरिए 11 देशों में करीब 10 हजार जिंदगियां बचाईं जा सकीं. इन देशों ने कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए, लोगों को आइसोलेशन में रखा, भीड़ इकट्ठा करने पर प्रतिबंध लगा दिए और स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन किया.

लॉकडाउन की वजह से इटली में बचा ली गईं 38 हजार जिंदगियां
रिसर्च के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से संक्रमण को फैलने से रोका जा सका. इसके जरि इटली में करीब 38 हजार जिंदगियां बचाई जा सकीं. इसी तरह से स्पेन में करीब 16 हजार जानें बच गईं. हालांकि अपने रिसर्च में रिसर्चर्स ने कहा है कि पुख्ता तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन लॉकडाउन की वजह से कोरोना को फैलने से रोकने में मदद मिली है.



इस मॉडल में आस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडेन, स्विटरजरलैंड और यूके जैसे देशों ने 12 और 14 मार्च के करीब प्रतिबंध लगाए थे. जिन देशों में वायरस के संक्रमण को लेकर रिसर्च हुआ है वहां की कुल आबादी का करीब 4.9 फीसदी में संक्रमण फैला था. इटली और स्पेन में सबसे ज्यादा आबादी संक्रमित हुई है, जबकि जर्मनी और नॉर्वे में सबसे कम.



80 साल के ऊपर की उम्र वालों पर सबसे ज्यादा खतरा
कोरोना वायरस का संक्रमण सबसे पहले चीन से फैला. इसके बाद पूरी दुनिया में इसने तेजी से पांव पसारे. कोरोना के संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले अमेरिका, इटली, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस और चीन में सामने आए हैं.

लैंसेंट में छपी रिसर्च के मुताबिक ये भी देखने में आया है कि महामारी ने सबसे ज्यादा असर बड़ी उम्र वाले लोगों पर किया. इनमें मृत्यु दर ज्यादा देखी गई. हालांकि ये भी देखा गया कि बच्चों में रिस्क कम नहीं रहा. एडल्ट की तुलना में बच्चे भी उतने ही रिस्क में देखे गए.

चीन से लिए डेटा के आधार पर रिसर्चर इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि कोरोना के चलते मृत्यु दर 1.38 फीसदी रही है. 60 साल के कम उम्र वालों में मृत्यु दर 0.32 फीसदी रही, वहीं 60 साल से ऊपर की उम्र वालों में मृत्यु दर 6.4 फीसदी तक रही. 80 साल के ऊपर के उम्र वालों में मृत्यु दर 13.4 फीसदी रही.

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First published: April 4, 2020, 11:37 PM IST
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