इस देश में नर्सों के पास PPE और मास्क हुए ख़त्म, तो कहा इसे ही धोकर इस्तेमाल करो

इस देश में नर्सों के पास PPE और मास्क हुए ख़त्म, तो कहा इसे ही धोकर इस्तेमाल करो
यूके में मरने वालों का आंकड़ा 16 हजार के पार कर गया है.

सरकार ने कोरोना (Coronavirus) मरीज़ों का इलाज कर रहे हेल्थ वर्कर्स को मास्क और PPE खत्म होने पर धोकर फिर से इस्तेमाल करने को कहा है

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 3:30 PM IST
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कोरोनावायरस (Coronavirus) से जंग में दुनिया के दिग्गज देश महामारी के अलावा भी कई मुसीबतों का सामना कर रहे हैं. कहीं वेंटीलेटर्स (Ventilators) की कमी है तो कहीं PPE और मास्क जैसे सुरक्षा कवच की. तमाम देश ऐसी अनिवार्य जरूरतों की पूर्ति के लिए दुनिया के दूसरे देशों से मेडिकल सप्लाइज़ मंगा रहे हैं. लेकिन ब्रिटेन में PPE की कमी पर दूसरे ही हालात सामने आ रहे हैं.

ब्रिटेन में कोरोनावायरस से जंग में सबसे आगे रहने वाले फ्रंट लाइनर्स यानी स्वास्थकर्मियों में सरकार को लेकर बेहद नाराज़गी है. दरअसल सरकार ने कोरोना मरीज़ों का इलाज कर रहे हेल्थ वर्कर्स को मास्क और PPE खत्म होने पर धोकर फिर से इस्तेमाल करने को कहा है.

सरकार ने अस्पतालों को कहा है कि मास्क और एप्रन्स की कमी इस सप्ताह तक दूर कर ली जाएगी लेकिन तब तक इस्तेमाल किए हुए मास्क और पीपीई को ही धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जाए.



डेली मेल की खबर के मुताबिक ब्रिटेन के केंद्रीय नेताओं ने कहा कि इससे हेल्थ मिनिस्टर पर से जनता का भरोसा टूट गया तो वहीं ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति बताया.
ब्रिटेन में PPE की किल्लत की वजह से हालात ये हो गए हैं कि डॉक्टरों को प्लास्टिक के बने एप्रन्स पहनकर कोरोनावायरस संक्रमित मरीज़ों का इस्तेमाल करना पड़ा रहा है. वहीं ब्रिटेन के आधे से ज्यादा अस्पतालों में नर्सों पर बिना PPE के काम करने का दबाव है.

NHS से संचालित होने वाले 60 ट्रस्ट में स्टॉक में रखे गाउन के खत्म होने की रिपोर्ट है. जिसके तहत लंदन के भी अस्पताल आते हैं जहां कि हज़ारों गाउन की जरूरत है. लेकिन उसके बीच में नई गाइडलांस आती है जिससे हेल्थ वर्कर्स में गुस्सा भर जाता है.

हेल्थ मिनिस्टर मैट हैनकॉक को लेकर स्वास्थकर्मियों का कहना है कि उन्हें एक महीने पहली ही PPE और मास्क की कमी के बारे में सूचित कर दिया था. इसके बावजूद सरकार ने कोई जरूरी कदम नहीं उठाया. स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सरकार में बैठे मंत्रियों की अयोग्यता का खामियाज़ा NHS और एम्बुलेंस के स्टॉफ को  भुगतना पड़ेगा जो कि अपनी जान खतरे में डाल कर कोरोना मरीज़ों का इलाज करेंगे.

ब्रिटेन में यूनियन लीडर गेल कार्टमेल ने मास्क और गाउन की कमी को PPE स्कैंडल बताया और कहा कि 'जनता आश्चर्य से देख रही है किस तरह बहादुर डॉक्टर, नर्स और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी अपनी ज़िंदगी को खतरे में डालकर कोविड 19 के मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं. ऐसे में मैट हैनकॉक को PPE को लेकर जारी गतिरोध जल्द से जल्द दूर करना होगा वर्ना ऐसी स्थिति के जारी रहने पर अपने पद के बारे में सोचना होगा.'

इससे पहले रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन और रॉयल कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने कहा था कि यदि नर्सों को जरूरी PPE किट नहीं मिलती है तो वो आखिरी विकल्प के तौर पर कोरोना मरीजों के इलाज से मना कर सकते हैं.

हेल्थ वर्कर्स को ये अंदेशा है कि NHS ट्रस्ट के पास मास्क,गाउन और PPE की भारी कमी होने की वजह से  इस सप्ताह के अंत तक स्टॉक खत्म हो जाएगा. ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों को केवल प्लास्टिक के एप्रन्स पहनकर ही कोरोना मरीज़ों के इलाज के दौरान अपनी सुरक्षा करनी पड़ेगी.

PHE की जारी गाइडलाइंस में ये तक लिखा है कि अस्पताल में गाउन खत्म हो जाने पर नर्सें दूसरे अस्पताल से गाउन खरीद लें या फिर प्लास्टिक वाले एप्रन्स पहनें. ऐसे में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्सों में संक्रमण फैलने का डर बढ़ गया है और अस्पताल में हालात चिंताजनक हो रहे हैं.
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