लाइव टीवी

ऑक्सीजन की किल्लत से ब्रिटेन के अस्पताल में अचानक बिगड़े हालात, मरीज़ों के लिए वेंटीलेटर के पड़े लाले

News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 5:21 PM IST
ऑक्सीजन की किल्लत से ब्रिटेन के अस्पताल में अचानक बिगड़े हालात, मरीज़ों के लिए वेंटीलेटर के पड़े लाले
यूके में मौत का आंकड़ा 28 हजार के पार चला गया है.

हर्टफोर्डशायर (Hertfordshire) के एक हॉस्पिटल में पिछले सप्ताह तब दिखाई पड़ा जबकि मेडिकल ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी की वजह से डॉक्टरों को ये तय करना मुश्किल हो गया कि किस कोविड19 मरीज को ऑक्सीजन दी जाए और किसे मरने के लिए छोड़ दिया जाए

  • Share this:
ब्रिटेन (Britain) के अस्पतालों में कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीज़ों की लगातार बढ़ती संख्या से हाहाकार मचा हुआ है. हालात ये हो गए हैं कि अब अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की सप्लाई को लेकर डॉक्टरों के पास मरीज़ों को लेकर चॉइस तक नहीं रह गई है. द गार्डियन के मुताबिक ऐसा ही एक मामला हर्टफोर्डशायर (Hertfordshire) के एक हॉस्पिटल में पिछले सप्ताह तब दिखाई पड़ा जबकि मेडिकल ऑक्सीजन की कमी की वजह से डॉक्टरों को ये तय करना मुश्किल हो गया कि किस कोविड19 मरीज को ऑक्सीजन दी जाए और किसे मरने के लिए छोड़ दिया जाए.

हर्टफोर्डशायर में वैटफोर्ड जनरल हॉस्पिटल (Watford general hospital) में उस वक्त बड़ी गंभीर स्थिति पैदा हो गई जबकि कोविड19 मरीज़ों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की किल्लत हो गई. दरअसल, वैटफोर्ड अस्पताल में मरीजों की लगातार भीड़ उमड़ रही थी जिसके बाद शनिवार को मेडिकल ऑक्सीजन की मांग इस कदर बढ़ी कि हॉस्पिटल में सप्लाई को लेकर गंभीर किल्लत हो गई. ऑक्सीजन सिस्टम की कमी होने की वजह से हॉस्पिटल के स्टॉफ को इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को रोकना पड़ा और कई मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजना पड़ा.

डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि वो किस मरीज़ को ऑक्सीजन सिस्टम मुहैया कराएं तो किस मरीज़ को नहीं. इसी बात को लेकर अस्पताल के डॉक्टर हॉस्पिटल की एथिक्स कमिटी के साथ हर दिन सलाह मशवरा करते हैं.



गुरूवार के वैटफोर्ड अस्पताल में कोरोना संक्रमित 29 मरीजों की मौत हो गई थी. अस्पताल में मरीज़ों की भीड़ हर घंटे उमड़ रही है. हर्टफोर्ड शायर में 800 से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आने से ऑक्सीजन की किल्लत हो गई. दरअसल इस इलाके में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है और कोविड19 महामारी की वजह से मुर्दाघर भी भर चुके हैं. ऐसे में ऑक्सीजन की कमी की वजह से वैटफोर्ड अस्पताल में हालात इस कदर बिगड़े कि डॉक्टरों को अस्पताल की एथिक्स कमेटी से मरीजों को ऑक्सीजन उपकरण देने पर सलाह लेनी पड़ी. डॉक्टरों को ये तय करना पड़ा कि किस मरीज को वेंटीलेटर दें और किसे नहीं.



कोविड19 के इलाज में ऑक्सीजन थेरेपी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. WHO ने मेडिकल ऑक्सीजन को कोविड19 के इलाज में सबसे अनिवार्य कैटेगरी में रखा है. ऐसे में हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी होना ब्रिटेन की स्वास्थ सुविधा पर बड़ा सवाल है. हालांकि NHS का कहना है कि उसने फरवरी में ही कोविड19 महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए वेस्ट हर्टफोर्डशायर के ट्रस्ट से जुड़े अस्पतालों को को ऑक्सीजन सिस्टम को पूरी तरह तैयार रखने को कहा था.

NHS के प्रवक्ता के मुताबिक फरवरी में ही अस्पताल के ट्रस्टों को वेंटिलेटर की जांच और परीक्षण के लिए पत्र भेजा जा चुका था. लेकिन अब वैटफोर्ड अस्पताल में हुए गंभीर वाकये के बाद सरकार मिलिट्री मदद लेने पर विचार कर रही है. हालांकि ट्रस्ट ये भी सफाई दे रहा है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की क्षमता की कोई कमी नहीं है बल्कि तकनीकी कारणों की वजह से वैटफोर्ड अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर आपात हालात बन गए थे.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ब्रिटेन से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 5:09 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading